जिले में आयोजित वरासत दिवस में बुधवार को प्रशासन ने करीब 4003 अविवादित वरासतों को दर्ज करने का दावा किया है। अमलदरामद के बाद वारिसों के नाम खतौनी में अंकित हो जाएंगे। अभियान में लगाए गए अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।
अविवादित वरासतों को खतौनी में दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी एस राजलिंगम की ओर से बुधवार को पूरे जिले में वरासत दिवस का आयोजन किया गया था। गांव के प्राथमिक विद्यालयों में क्षेत्रीय लेखपालों को भेजकर गांव की अविवादित वरासतों में वारिसों का नाम दर्ज कराने की कार्रवाई कराई गई।
सुबह 11 बजे से शाम तक गांव-गांव आयोजित किए गए वरासत दिवस में करीब 4003 प्रकरणों के निपटारे का दावा प्रशासन ने किया है। इसमें कादीपुर में 651, लंभुआ में 1530, जयसिंहपुर में 715 व सदर में 1107 वरासतों को दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। लेखपालों की ओर से दर्ज की गई वरासतों पर संबंधित कानूनगो ने आदेश कर दिया है।
इन वरासतों को वारिसों के नाम करने के लिए बृहस्पतिवार को संबंधित तहसीलों में अमलदरामद कराई जाएगी। अमलदरामद का कार्य होते ही वारिसों का नाम खतौनी में दर्ज हो जाएगा। वरासत दिवस का अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया। कादीपुर का निरीक्षण मुख्य राजस्व अधिकारी इंद्रासन सिंह यादव ने किया। बताया कि वरासत दिवस में अविवादित मामलों को दर्ज करा दिया गया है।