सुल्तानपुर। शिक्षकों की काबिलियत की बानगी एआरपी की लिखित परीक्षा में देखने को मिली है। लिखित परीक्षा में 40 फीसदी अध्यापक अपने विषय मे ही फेल हो गए हैं। 73 में मात्र 44 शिक्षक ही माइक्रो टीचिंग के लिए योग्य पाए गए हैं।
जिले के 14 ब्लॉकों व नगर क्षेत्र को मिलाकर कुल 75 अकादमिक रिसोर्स पर्सन की तैनाती की जानी थी। ये विद्यालयों का निरीक्षण करने और शैक्षिक स्तर में वृद्धि के लिए नियुक्त किए जाने हैं।
एआरपी की तैनाती के लिए छह दिसंबर को डायट में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में कुल 73 अध्यापक शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद रिजल्ट घोषित हुआ तो शिक्षकों को अपने विषय के बारे में कितना ज्ञान है, उसकी कलई खुल गई।
हिंदी जैसे सब्जेक्ट में 14 में मात्र तीन लोग ही 60 फीसदी अंक हासिल कर सके। वहीं 11 लोग हिंदी में फेल हो गए। यही नहीं विज्ञान में 15 लोगों में से मात्र दो ही परीक्षा में पास हो सके।
बाकी 13 फेल हो गए। इंग्लिश में नौ में से आठ लोग, मैथ में 14 में से 11 लोग और सामाजिक विषय मे 21 में से 20 लोग ही 60 फीसदी अंक लाने में सफलता प्राप्त कर सके। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने की वजह अध्यापन के प्रति रुचि नहीं लेने और उसके इतर कामों में दिलचस्पी लेना बताया जा रहा है।
लिखित परीक्षा के बाद अब एआरपी चयन के लिए दो दिवसीय माइक्रो टीचिंग/शिक्षण प्रदर्शन कराया जाएगा। 10 और 11 दिसंबर को सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय में शिक्षकों की अध्यापन योग्यता जांची जाएगी। माइक्रो टीचिंग में कुल 44 शिक्षक हिस्सा लेंगे।