प्रथम चरण के मतदान में लापरवाही बरतने के आरोपी पांच पीठासीन अधिकारियों में से चार सोमवार को सस्पेंड कर दिए गए। एक अन्य पीठासीन अधिकारी को निलंबित करने के लिए विभागीय चीफ इंजीनियर को पत्र भेजा गया है। मतदान के दिन इन अफसरों की लापरवाही से पांच बूथों पर रिपोल की नौबत आई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों को इन्हें सस्पेंड करने का आदेश दिया था।
पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में शामिल मुसाफिरखाना तहसील के तीन ब्लॉकों में नौ अक्तूबर को हुए मतदान के दौरान अभिलेखीय गड़बड़ी के चलते पांच बूथों पर पुनर्मतदान की नौबत आई थी। इन बूथों में जगदीशपुर ब्लॉक के इमलीगांव का बूथ संख्या-10, बाजार शुकुल के बूबूपुर का बूथ संख्या-128, तेंदुआ का बूथ संख्या-177, इक्काजातपुर का बूथ संख्या-178 व मुसाफिरखाना ब्लॉक के जमुवारी का बूथ संख्या-112 शामिल था। इमलीगांव, बूबूपुर, तेंदुआ में सिर्फ बीडीसी तो इक्काजातपुर में डीडीसी व बीडीसी तथा जमुवारी में भी मात्र डीडीसी का ही मतदान निरस्त हुआ था। चुनाव बाद हुई समीक्षा में जिला प्रशासन ने पाया कि इन बूथों पर दो वार्डों के बैलेट पेपर वितरित करने के बजाय पीठासीन अधिकारी की लापरवाही से एक ही वार्ड के बैलेट पेपर बांटे गए थे।
लापरवाह पीठासीन अफसरों में इमलीगांव के पीठासीन अधिकारी रामकृष्ण ओझा व इक्काताजपुर के पीठासीन अमर बहादुर सिंह माध्यमिक शिक्षा तो तेंदुवा के पीठासीन रामकुमार तिवारी व जमुवारी के पीठासीन सत्यदेव यादव बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े हैं। बूबूपुर के पीठासीन अफसर राधेश्याम वर्मा जलनिगम के अवर अभियंता हैं। डीएम ने इन सभी कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया था।
डीएम ने बताया कि डीआईओएस डॉ. ओपी मिश्र व बीएसए आनंद कुमार पांडेय ने सोमवार को पीठासीन बनाए गए अपने विभागों से कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है वहीं जलनिगम विभाग के अवर अभियंता को सस्पेंड करने के लिए उनके विभाग के चीफ इंजीनियर को पत्र भेजा गया है।