महज दो माह में जिले में अति कुपोषित बच्चों की संख्या में 3,925 का इजाफा हुआ है। इस संख्या के साथ अति कुपोषित बच्चों का आंकड़ा 11,852 पहुंच गया है। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उन्हें इससे निजात दिलाने के लिए शासन ने बीते दिनों राज्य पोषण मिशन के तहत अभियान शुरू किया था।
इस अभियान के तहत चिह्नित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए डीएम व सीडीओ सहित 35 जिला स्तरीय अधिकारियों ने शासन के निर्देश पर दो-दो गांव गोद लिए थे।
इतना ही नहीं अधिकारियों की ओर से अभियान चलाकर इन गांवों में चिह्नित बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए विशेष स्वास्थ्य कैंप लगाने के साथ उन्हें दोगुना पोषण आहार देेने की व्यवस्था कराई थी।
बावजूद इसके योजना के तहत तैयार आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों को आधार मानें तो सितंबर माह में जहां जिले में अति कुपोषित (लाल श्रेणी) बच्चों की संख्या 7,860 थी वहीं अक्तूबर तक बढ़कर 7,927 हो गई।
अक्तूबर से दिसंबर तक मात्र दो माह में अति कुपोषित बच्चों की संख्या में 3,925 का इजाफा हुआ। इस वृद्धि के साथ अतिकुपोषित बच्चों का आंकड़ा 11,852 पहुंच गया है।