सुल्तानपुर। इस बार जिस भीषण गर्मी से शहरवासियों को जूझना पड़ा है, उस गर्मी की मार दोबारा लोगों को न झेलनी पड़े। इसके लिए शहर में बड़े पैमाने पर पौधे रोपने की जरूरत है। यह चिंता शहर के सभी प्रमुख सामाजिक संगठनों की थी, ऐसे में नगर पालिका ने सबको साथ में लेकर पौधरोपण का वृहद अभियान शुक्रवार को शुरू किया, जिसमें शहर को हरा-भरा बनाने के लिए 35 संगठनों ने नगर पालिका के साथ मिलकर 10 हजार पौधे रोपने की शुरूआत की।
पं. रामनरेश त्रिपाठी सभागार प्रांगण में शुक्रवार को सभी संगठनों के प्रतिनिधियों, शहर के प्रमुख लोगों व स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एडीएम वित्त एस सुधाकरन ने कहा कि पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करना एक पुनीत कार्य है, जिसमें जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि पहलेे पांच हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य था। अब इसे बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है। शहर में प्रमुख मार्गों और डिवाइडरों पर ये पौधे रोपे जाएंगे। इससे हमारा शहर हरा-भरा होगा।
इसके बाद सभी अतिथियों व आए हुए लोगों को गायत्री परिवार ने पौधे लेकर वृक्ष पूजा करवाई। फिर सभागार के परिसर से लेकर करुणाश्रय अस्पताल तक 51 पौधे रोपे गए। इस मौके पर संयुक्त समाज समिति के अध्यक्ष डाॅ. सुधाकर सिंह, संयोजिका पल्लवी वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष डाॅ. आरए वर्मा, सरदार बलदेव सिंह, अमर बहादुर सिंह, मदन सिंह, सरदार महेंद्रपाल सिंह, अभिषेक सिंह, करुणाशंकर द्विवेदी, रामचंद्र मिश्र, अमरजीत सिंह, रजनीश मिश्र, संजय सिंह सोमवंशी, पुनीत कुमार, लिपिक कपिल श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, हनुमान सिंह आदि मौजूद रहे।
डिवाइडरों पर लगेंगे औषधीय पौधे
शहर में वृहद पौधरोपण के लिए संयुक्त समाज समिति ने कई दिन से तैयारी की है। अलग-अलग संस्थाओं ने अलग-अलग क्षेत्र गोद लिए हैं। यह भी तय किया गया है कि डिवाइडरों पर औषधीय पौधे लगाए जांएगे। जबकि पार्कों व सड़कों के किनारे जहां भी स्थान उपलब्ध है, वहां पर आम, जामुन, गुलमोहर, कदंब आदि के छायादार पौधे लगाए जाएंगे।
ट्री गार्ड पर लिखा जाएगा आपकी मां का नाम
संयुक्त समाज समिति ने तय किया है कि शहर के जो भी प्रमुख लोग इस अभियान का हिस्सा बनेंगे और अपनी मां के नाम पौधा लगाएंगे। उन्हें ट्री गार्ड खुद उपलब्ध कराना होगा। साथ ही उस पौधे की देखरेख की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। इस पौधे के ट्री गार्ड पर बाकायदा उस व्यक्ति की मां का नाम लिखा जाएगा।
सरकारी अभियानों के प्रति उभरी टीस
शहर के 35 संगठनों की मौजूदगी में वक्ताओं के मन की वह टीस भी उभरी, जो सरकारी पौधरोपण अभियान के चलते मन में उपजती है। वक्ताओं ने कहा कि वन विभाग हर साल 30-35 लाख पौधे लगा देने का दावा करता है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं होता। इसलिए इस अभियान की सार्थकता इसी में है कि भले ही दो हजार ही पौधे लगें, लेकिन वे पेड़ बनें। मजे की बात यह रही कि इसी बीच वन विभाग के अधिकारियों ने इस संगोष्ठी और पौधरोपण के दौरान अपना बैनर टांगकर फोटो भी खिंचवा ली।