बल्दीराय (सुल्तानपुर)। स्थानीय तहसील में आठ माह से न्यायालय की पत्रावलियों के गायब होने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार हरकत में आ गए हैं। फाइलों की तलाश शुरू हो गई है। अभी तक 270 फाइलें मिल चुकी हैं। शेष को सूचीबद्ध कर अभिलेखागार में दाखिल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 सितंबर 2023 को समीक्षा बैठक में निर्देश दिया था कि मजिस्ट्रेट न्यायालयों में चल रहे मुकदमे लंबे समय तक न लटकाकर उन्हें शीघ्र निस्तारित किया जाए। इसके लिए तीन माह का अभियान चलाया गया था। इसमें बल्दीराय तहसील में एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार की कोर्ट के 2976 मुकदमे वादकारियों को अनुपस्थित दिखाते हुए अधिवक्ताओं को हमवार करके निस्तारित कर वाहवाही लूटी गई थी। अधिवक्ताओं से कहा गया था कि बाद में आप वाद दायर प्रार्थनापत्र दे देना। स्वीकृत कर फिर से देखा जाएगा।
इस मुद्दे को अमर उजाला ने पहली बार 20 दिसंबर 2023 को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस बीच इन पत्रावलियों के रखरखाव का कोई ध्यान नहीं दिया गया। तहसील कार्यालय में कार्य कर रहे एक बाहरी व्यक्ति के अनुसार ये पत्रावलियां सदर तहसील के एक अनुपयोगी प्रसाधन में दो बोरे में रखकर बंद कर दी गई थीं। इधर, अधिवक्ता वाद दायरा देते रहे, लेकिन पत्रावली के अभाव में आठ माह से मामले लंबित रहे।
वादकारियों ने जब अपने अधिवक्ताओं पर दबाव बनाना शुरू किया तो मामले का खुलासा हुआ। इस प्रकरण को अमर उजाला ने बीते शनिवार के अंक में प्रकाशित किया था। तहसील अधिकारियों का दबाव पड़ा तो एक कर्मचारी का गैर जनपद तबादला हो गया था। रविवार से सदर में रखीं फाइलों की सूची बननी शुरू हुई है। नायब तहसीलदार गुलाब सिंह ने बताया कि लगभग 270 फाइल तहसील में आ चुकी हैं। शेष की सूची बनाई जा रही है। अभिलेखागार में जमा होने लायक पत्रावलियों में दो-चार दिन समय लग सकता है।
300 से अधिक है फाइलों की संख्या
अधिवक्ता राजेश सिंह व पवन दुबे ने बताया कि आठ माह से गायब फाइलों की संख्या 300 के ऊपर है। एसडीएम कोर्ट की संतोष बनाम सरकार पिपरी, रामधीरज बनाम सरकार हलियापुर, रामबली बनाम रामराज बीही निदूरा व तहसीलदार कोर्ट की सविता बनाम श्यामदीन टडरसा, गांव सभा बनाम नासिम वेग ब्रह्मरौली आदि हैं। इनका वाद दायर प्रार्थनापत्र लेकर अधिवक्ता घूम रहे हैं। पत्रावली के अभाव में कुछ नहीं हो पा रहा है।