कुड़वार के इसरौली में निर्माणाधीन आवास। स्रोत ग्रामीण
सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जिले के बेघर दिव्यांगों, कुष्ठ रोगियों और आपदा पीड़ितों को जल्द पक्की छत मिलेगी। शासन ने चालू वित्तीय वर्ष में जिले को 2212 आवास आवंटित किए हैं। ग्राम्य विकास अभिकरण ने पात्रों की पहचान और पंजीकरण का अभियान तेज किया है।
विभाग ने अब तक 1575 पात्रों का पंजीकरण कर लिया है। इनमें से 1205 लाभार्थियों की जियोटैगिंग पूरी हो चुकी है। ब्लॉक स्तर पर सत्यापन के बाद 523 पात्रों के आवास स्वीकृत किए गए हैं। शेष 1689 आवासों के लिए पात्रों की तलाश जारी है। पंजीकरण और सत्यापन के बाद जियोटैगिंग कर स्वीकृति दी जाएगी। प्रत्येक पात्र परिवार को दो कमरों और बरामदे वाला पक्का आवास बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। यह सहायता तीन किस्तों में दी जाएगी: पहली 40 हजार रुपये, दूसरी 70 हजार रुपये और अंतिम 10 हजार रुपये।
पात्रों की हो रही तलाश परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण अशोक कुमार सिंह ने बताया कि ब्लॉकों के माध्यम से पात्रों की खोज हो रही है। केवल निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वालों को ही योजना का लाभ मिलेगा। यदि लक्ष्य के अनुरूप पात्र नहीं मिलते हैं, तो बचा लक्ष्य शासन को लौटा दिया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य कमजोर और बेघर वर्गों को सुरक्षित जीवन देना है।