सुल्तानपुर। अपहरण के मामले में पत्नी व भतीजी के साथ निरुद्ध एक बंदी का शव निर्माणाधीन बैरक में मंगलवार रात गमझे से लटकता हुआ पाया गया। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी रात में ही जिला जेल पहुंच गए और जांच की। देर रात जेल पहुंचे बंदी के परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाया।
बंदी की मौत की सूचना मिलते ही बुधवार को डीआईजी जेल ने कारागार का निरीक्षण किया। लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के गोपालापुर गांव निवासी शीतला प्रसाद शुक्ला का बेटा श्याम सुंदर उर्फ बृजेश शुक्ला (32) पर कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के झव्वारा गांव निवासी राजेश के बेटे पप्पू का वर्ष 2016 में अपहरण का आरोप था।
पुलिस ने राजेश की तहरीर पर श्याम सुंदर, उसकी पत्नी शालिनी के साथ ही सुजाता (शालिनी की बहन की पुत्री) के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने राजेश के अपहृत बेटे को नेपाल से बरामद किया था। श्यामसुंदर उर्फ बृजेश, शालिनी और सुजाता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल में 31 दिसंबर 2016 से तीनों बंद हैं। श्याम सुंदर के खिलाफ कोतवाली देहात थाने में ही वर्ष 2017 में ही गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
श्याम सुंदर की मंगलवार को दीवानी न्यायालय में पेशी थी। वह पेशी पर आया भी था। पेशी से श्याम सुंदर वापस जेल पहुंचा था। रात करीब 10 बजे श्याम सुंदर का शव निर्माणाधीन बैरक में गमझे से लटकता पाया गया। बंदी रक्षकों ने इसकी सूचना जेल अधीक्षक अमिता दुबे को दी। बंदी की मौत से जेल में हड़कंप मच गया।
जेल अधीक्षक ने इसकी सूचना जिलाधिकारी के साथ ही पुलिस अधीक्षक को दी। सूचना मिलते ही एएसपी सिटी डॉ. मीनाक्षी कत्यायान, एसडीएम सदर प्रणय सिंह, नगर कोतवाल नंदकुमार तिवारी जेल पहुंच गए। अधिकारियों ने जेल का निरीक्षण कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
जेल अधीक्षक की सूचना पर रात करीब 12 बजे श्याम सुंदर के पिता शीतला प्रसाद परिवारीजनों के साथ पहुंच गए। शीतला प्रसाद ने जेल में निरुद्ध बहू शालिनी से मुलाकात की इच्छा जाहिर की तो उन्हें रात में ही मुलाकात कराई गई। शीतला प्रसाद की मानें तो उनकी बहू शालिनी ने बताया कि श्यामसुंदर की गला घोंटकर हत्या की गई है।
बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। पोस्टमॉर्टम चिकित्सक डॉ. केके भट्ट और डॉ. आरके यादव ने किया। सूत्रों की मानें तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में श्याम सुंदर की मौत की वजह हैंगिंग पाई गई है। बंदी की मौत की सूचना पर बुधवार को जेल पहुंचे डीआईजी जेल उमेश श्रीवास्तव ने जांच की।
डीआईजी ने जेल में बंद बंदियों के साथ ही बंदी रक्षकों से पूछताछ की। देर शाम तक डीआईजी का निरीक्षण जारी रहा। जेल अधीक्षक अमिता दुबे इस संबंध में मीडिया से बात करने से कतराती रहीं।