बौढ़ियाबालमऊ व परशुरामपुर का फुंका ट्रांसफार्मर
क्रासर
दोनों गांव की चार हजार आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
करौंदीकलां (सुल्तानपुर)। क्षेत्र में दो गांवों विद्युत ट्रांसफार्मर फुंकने से करीब चार हजार आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है। वहीं 10 से अधिक निजी नलकूप बंद होने से धान की रोपाई व सिंचाई प्रभावित है।
क्षेत्र के बौढ़ियाबालमऊ में लगा 25 केवीए का व परशुरामपुर में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर ओवरलोड के चलते फुंक गया। ग्रामीणों की सूचना के एक सप्ताह बाद भी पावर कॉर्पोरेशन ने ट्रांसफार्मर बदलना मुनासिब नहीं समझा। बौढ़ियाबालऊ में अमर बहादुर सिंह, रामशिरोमणि मिश्र, सुधाकर मिश्र, राम सूरत तिवारी, जगदंबा यादव, बजरंगी मिश्र सहित छह निजी नलकूप के अलावा 50 से ज्यादा घरों के लाइट कनेक्शन हैं। परशुरामपुर में 64 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। इससे परशुरामपुर के अलावा खुशियारी गांव की भी सप्लाई होती है। विजय शंकर श्रीवास्तव, फूलचंद्र उपाध्याय, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव सहित कई निजी नलकूप के साथ 100 घरों के लाइट कनेक्शन भी है। एक माह पूर्व जला यह ट्रांसफार्मर एक सप्ताह पहले जैसे ही बदला गया, तुरंत फुंक गया। इस संबंध में अधिषाशी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय चंद्रजीत प्रसाद ने बताया कि दोनोें ट्रांसफार्मर के फुंकने की सूचना उन्हें मिली है। एस्टीमेट बनाया गया है। वर्कशाप में ट्रांसफार्मर अभी उपलब्ध नहीं है। जल्द ही दोनों गांव का ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा।
नलकूपों का संचालन नहीं होने
से धान की रोपाई प्रभावित
हवाई साबित हो रहा 48 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
लंभुआ (सुल्तानपुर)। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने का फरमान हवाई साबित हो रहा है। हालात यह है कि ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से आठ नलकूप ठप हो गए हैं। इससे किसानों की करीब 150 बीघा भूमि पर धान की रोपाई नहीं हो पा रही है।
स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से बेलाही गांव में आपूर्ति के लिए दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। एक गांव के पश्चिम व दूसरा पूरब दिशा में लगा है। पिछले 20 जुलाई को 63 केवीए का पूरब दिशा में लगा ट्रांसफार्मर जल गया। ग्रामीणों ने दूसरे दिन हेल्प लाइन नंबर 1912 पर ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत की थी। शिकायत पर 48 घंटे बाद समाधान कर दिए जाने का संदेश ग्रामीणों को मिला। सात दिन बीत जाने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। इसी ट्रांसफार्मर से आठ निजी नलकूपों का भी संचालन होता है। इसके अलावा कई घरों में बिजली कनेक्शन भी इसी ट्रांसफार्मर से दिए गए हैं। गांव के बजरंग बली मिश्र, महंथ राम मिश्र, माता प्रसाद मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, श्याम करन तिवारी, राम चरित्र मिश्र आदि ने बताया कि वर्कशॉप में तैनात अफसर अब फोन तक नहीं उठाते हैं। नलकूपों के नहीं चलने से करीब 150 बीघा घान के फसल की रोपाई बाधित हो रही है।