- गर्मी शुरू होने से पहले ही होनी थी आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। मध्यांचल वितरण निगम की स्वीकृति के बाद भी विद्युत वितरण मंडल को गर्मी से पहले स्वीकृत ट्रांसफार्मर पर्याप्त संख्या में नहीं मिलने का मामला सामने आया है। गर्मी के पहले ट्रांसफार्मर की आपूर्ति नहीं मिलने व समय से क्षमतावृद्घि के अभाव में जिले को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि व करीब 200 ट्रांसफार्मरों का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पर मध्यांचल वितरण निगम ने स्वीकृति दे दी थी। स्वीकृति के बाद भी भंडारण की ओर से असरोगा व कुड़वार उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि गर्मी के पहले नहीं कराई जा सकी। शहर में पुलिस लाइंस के लिए स्वीकृत उपकेंद्र की स्थापना का कार्य भूमि न मिलने से अभी तक शुरू नहीं हो सका है। 200 ट्रांसफार्मर भी समय पर नहीं मिल सके। नतीजा हुआ कि गर्मी में पूरा जिला बिजली संकट की चपेट में आ गया है। लोड बढ़ने से कम क्षमता के ट्रांसफार्मर, फीडर व उपकेंद्र ट्रिप कर रहे हैं। शहर से सटे केएनआई उपकेंद्र से जुड़े विनोबापुरी समेत कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात लोगों को कटौती का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं की ओर से फोन करने पर अवर अभियंता का मोबाइल नंबर बंद मिला।
देर से मिले ट्रांसफार्मर लगवाए
देर से मिलने के बाद करीब 150 ट्रांसफार्मरों की स्थापना भी करवा दी गई है। अधिकांश ट्रांसफार्मर 63 केवीए के हैं। 25 की जगह 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगने से काफी हद तक लोड पर अंकुश लदाहै। शहर के शास्त्रीनगर व करौंदिया में 400 केवीए के ट्रांसफार्मर लगवाकर आपूर्ति पटरी पर लाने की कोशिश की गई है। अभी विभिन्न क्षमता के करीब 50 ट्रांसफार्मर मिलना बाकी हैं। वहीं, कुड़वार उपकेंद्र पर 10 एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगवाकर क्षमता वृद्घि कर दी गई है। असरोगा उपकेंद्र पर पांच की जगह 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। अधीक्षण अभियंता राकेश प्रसाद ने बताया कि कई किमी. तार भी बदलवाए गए हैं। कुछ अन्य क्षेत्रों में भी क्षमतावृद्घि की जरूरत है।