रविवार की सुबह बनारस से कानपुर जाने वाली वरुणा एक्सप्रेस ट्रेन पर सुल्तानपुर से 200 से अधिक यात्री जगह नहीं पा सके। ट्रेन पर पहले से ही भीड़ अधिक होने के चलते वरुणा छूट गई। जिससे लखनऊ-कानपुर जाने वाले अधिकांश यात्रियों को निराशा हुई। उन्हें दूसरे साधनों से गंतव्य के लिए रवाना होना पड़ा।
त्यौहार के बाद वापस होने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना चलने वाली ट्रेनों पर बोगियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। जिसके चलते ट्रेन में सफर करने के लिए यात्रियों को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। रविवार को भी स्थानीय स्टेशन पर यही स्थिति देखने को मिली। टिकट काउंटर पर भोर से ही यात्रियों की लंबी कतार लगी रही। सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में मुसाफिर वरुणा एक्सप्रेस के इंतजार में खड़े रहे। अपने निर्धारित समय पर वरुणा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची।
बनारस से ही ट्रेन पर यात्रियों की भारी भीड़ थी। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों में स्थान पाने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आगे से लेकर पीछे तक के डिब्बों में पहले से ही मुसाफिर भरे थे। सीटों के अलावा लगेज स्टैंड पर भी यात्रियों की भारी तादाद थी। सुल्तानपुर से लखनऊ व कानपुर जाने वाले यात्रियों को कोच के गेट पर भी घुसने का स्थान नहीं मिल सका। इसी बीच कई यात्रियों के बीच आपस में कहासुनी भी हुई।
आखिरकार तकरीबन दो सौ यात्री ट्रेन पर चढ़ नहीं सके। ट्रेन रवाना होने के बाद यात्रियों को दूसरे साधनों से गंतव्य के लिए रवाना होना पड़ा। इस संबंध में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ज्योति स्वरुप श्रीवास्तव ने बताया कि बनारस से ही ट्रेन पर भीड़ अधिक थी। जिसके चलते सुल्तानपुर से जाने वाले यात्रियों को स्थान नहीं मिल सका।