दीवानी न्यायालय समेत सभी तहसीलों में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 20 हजार वादों का निस्तारण किया गया। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में करीब पौने दो लाख रुपये अर्थदंड वसूला गया है।
वर्षों से लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को दीवानी न्यायालय समेत जिले की सभी तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई के लिए चल रही तैयारी के मद्देेनजर करीब 26 हजार विभिन्न प्रकार के वादों को संबंधित लोक अदालतों में भेजा गया था।
जिला मुख्यालय पर दीवानी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला जज डॉ. नरेश कुमार बहल की देखरेख में शुरू हुआ। शाम तक विभिन्न प्रकार के करीब 20 हजार वादों का निस्तारण तहसील एवं दीवानी में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया।
लोक अदालत के जरिए फौजदारी के निस्तारित मामलों में 1,76, 755 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया और करीब एक करोड़ रुपया जुर्माना वसूला गया। मोटर दुर्घटना से संबंधित वादों में पांच करोड़ 70 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान कराया गया। कई उत्तराधिकार के वादों का निर्णय हुआ।
नोडल अधिकारी एडीजे सूबेदार यादव का कहना है कि लोक अदालत में निर्णीत हुए वादों का सही आंकड़ा जुटाया जा रहा है। दीवानी न्यायालय में सभी अपर जिला जज, सीजेएम विजय कुमार समेत सभी मजिस्ट्रेट व अन्य न्यायिक अधिकारियों ने वादों की सुनवाई करते हुए उसका निस्तारण किया। तहसीलों में उप जिलाधिकारियों की मौजूदगी में वादों का निस्तारण हुआ। जिला जज डॉ.नरेश कुमार बहल समेत अन्य न्यायिक अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत की दिन भर निगरानी करते रहे।