सुल्तानपुर। शासन के कड़े निर्देश के बाद अवैध रूप से संचालित विद्यालयों पर कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार को सभी विकास खंडों के बीईओ ने बिना मान्यता संचालित 19 विद्यालयों पर छापा मारा। इस दौरान बिना मान्यता संचालित इन 19 विद्यालयों को बंद कराते हुए संचालकों को नोटिस थमाया गया।
शासन ने बिना मान्यता लिए अवैध रूप से संचालित विद्यालयों को तत्काल बंद कराने का निर्देश दिया था। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को एक साथ अपने क्षेत्र में संचालित ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। बल्दीराय विकास क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी मनोजीत राव ने महर्षि पब्लिक स्कूल सैनी लोहरिया का निरीक्षण किया। यह विद्यालय कक्षा एक से चार तक बिना मान्यता के संचालित होता पाया गया।
संदीप द्विवेदी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान इसौली रोड पूरे किशुन दत्त अलियाबाद पारा में कक्षा एक से आठ तक सौ बच्चे अध्ययनरत पाए गए। विद्यावती शिक्षण संस्थान उमरा तिरहुंत में 35 बच्चे अध्ययन करते हुए मिले। तीनों विद्यालयों को मौके पर जाकर बीईओ मनोजीत राव ने बंद करा दिया। संचालकों को नोटिस दिया गया कि अवैध रूप से विद्यालय का संचालन तत्काल बंद कराएं। नामांकित सभी बच्चों का प्रवेश नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में कराएं।
लंभुआ में खंड शिक्षाधिकारी विपुल उपाध्याय ने अवैध रूप से संचालित विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें मदरसा शंकरपुर में 350 बच्चे, पीएस मेमोरियल मलाक दोषीपट्टी में 15 बच्चे, एसजीएम एकेडमी कैथापुर बेलडांड़ी में 100 बच्चे नामांकित मिले। खंड शिक्षाधिकारी ने विद्यालयों को बंद कराते हुए नोटिस दिया। इसके अलावा दूबेपुर, कूरेभार, कुड़वार, जयसिंहपुर, अखंडनगर, कादीपुर, करौंदीकलां, पीपी कमैचा, भदैंया, धनपतगंज व दोस्तपुर में भी अभियान चलाकर 13 विद्यालय बंद कराए गए।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को जिले भर में अवैध ढंग से संचालित किए जा रहे स्कूलों के खिलाफ छापे मारे। इसमें 19 स्कूल अवैध रूप से संचालित होते पाए गए। सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस दिया गया है।
जिले में कई ऐसे विद्यालय अवैध रूप से संचालित हैं जिनमें मान्यता तो प्राथमिक स्तर की है लेकिन पढ़ाई हाईस्कूल व इंटर स्तर तक की होती है। इन विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के बच्चों को पढ़ाया जाता है जबकि परीक्षा फॉर्म अन्य किसी विद्यालय से भरवाते हुए परीक्षा दिलाई जाती है। यह खेल ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक होता है। शासन के निर्देश के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। इसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।
अवैध रूप से संचालित जिन विद्यालयों को बंद कराया गया है, उनके संचालकों को नोटिस देते हुए भविष्य में बिना मान्यता विद्यालय संचालन न करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद यदि फिर विद्यालय का संचालन होता पाया गया तो संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
- दीवान सिंह यादव, बीएसए