गवाही से मुकरे पूर्व
प्रधान व भाजपा नेता
क्रासर-
आरक्षण विरोधी आंदोलन में डाकघर में की थी तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। मंडल आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने के बाद देश भर के साथ ही जिले में भी आरक्षण विरोधी आंदोलन हुआ था। आरक्षण लागू किए जाने के विरोध में 19 नवंबर 1992 को बीपी इंटर कॉलेज कुड़वार के छात्रों ने कुड़वार कस्बे में स्थित डाकघर में तोड़फोड़ करके तत्कालीन वीपी सिंह सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी थी। छात्रों के हमले में तत्कालीन एसओ विष्णुदत्त शुक्ल समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस मामले में 10 अक्तूबर 2013 को रिटायर्ड हेड कांस्टेबल रामसंवारे चौधरी की गवाही दर्ज की गई थी। तब से गवाहों के इंतजार में मुकदमे में कई पेशी नियत की गई, लेकिन पुलिस की लापरवाही से कोई गवाह कोर्ट में गवाही देने नहीं आया। करीब साढ़े वर्ष बाद बुधवार को कुड़वार के पूर्व प्रधान व भाजपा के पूर्व प्रदेश कार्य समिति सदस्य नित्यानंद तिवारी गवाही देने के लिए कोर्ट में पेश हुए। वे पुलिस को दिए गए बयानों से मुकर गए। उन्हें एडीसीजी क्रिमिनल रमेशचंद्र मिश्र ने होस्टाइल करके जिरह की। जिरह में पूर्व प्रधान ने घटना के समय मौजूद नहीं रहने और पुलिस की ओर से गढ़ी गई अभियोजन स्टोरी की जानकारी होने से इंकार कर दिया। एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने अन्य गवाहों को तलब करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 जून की तिथि नियत कर दी है।