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श्रम विभाग में नहीं लिंक हो सके 23 हजार श्रमिकों के आधार

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नहीं लिंक हो सके 23 हजार श्रमिकों के आधार
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शासन की योजनाओं के लिए आधार लिंक प्रक्रिया जरूरी
सात हजार श्रमिकों के ही आधार हुए लिंक
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। जिले के पंजीकृत श्रमिकों को ऑनलाइन प्रक्रिया में शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए श्रम विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत श्रमिकों को अपने खाते व श्रम विभाग से आधार लिंक कराना अनिवार्य किया गया है। फिलहाल अभी तक जनपद के 23,000 श्रमिकों के पंजीयन में आधार लिंक नहीं हो सका है। बिना आधार लिंक के श्रमिकों को शासन से संचालित योजनाओं का लाभ पाने में कठिनाई हो सकती है।
श्रम विभाग की ओर से निर्धन मजदूरों के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं। शासन से संचालित योजनाओं में पात्रों के आधार लिंक कराने का असर श्रम विभाग में भी दिखने लगा है। पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने में पारदर्शिता बरतने के लिए अब श्रम विभाग ने भी पंजीकृत श्रमिकों को आधार लिंक कराने की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अभी तक विभागीय स्तर पर पंजीकृत अधिकतर श्रमिकों ने अपना आधार लिंक नहीं करवाया है। श्रम विभाग की मानें तो जनपद के अलग-अलग 14 विकास खंडों से 30,000 श्रमिकों का पंजीयन दर्ज है। इनमें से महज 7,000 पंजीकृत श्रमिकों के ही आधार लिंकअप हो सके हैं, शेष 23,000 श्रमिकों ने अब तक अपना आधार नंबर लिंक नहीं कराया है। विभाग की ओर से श्रमिकों को आधार लिंक कराने की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है।
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बॉक्स
श्रम विभाग में संचालित योजनाएं
श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हित के लिए प्रमुख रूप से 15 योजनाएं संचालित की गई हैं। इनमें से दुर्घटना सहायता योजना, मातृत्व हित लाभ योजना, शिशु हित लाभ योजना, मेधावी पुरस्कार योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, एंबुलेंस सहायता योजना, कौशल विकास योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, बालिका आशीर्वाद योजना, अक्षमता पेंशन योजना, औजार क्रय योजना, स्वास्थ्य सहायता योजना, सौर उर्जा सहायता योजना, सोलर लाइट आवास सहायता योजना और साइकिल सहायता योजना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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इनसेट
‘छह महीने में लिंक कराएं आधार’
श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामवृक्ष ने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए आधार लिंक कराना जरूरी है। हालांकि, अभी अधिकतर श्रमिकों के आधार लिंक नहीं हो सके हैं। श्रमिकों की व्यावहारिक समस्या को देखते हुए उन्हें छह महीने का समय दिया गया है।
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