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बहस नहीं करने पर अदालत ने आरोपी को भेजा जेल

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बहस नहीं करने पर अदालत
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ने आरोपी को भेजा जेल
क्रासर-

न्यायाधीश ने किया जमानत व बेलबांड रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। हत्या के मामले में करीब ढाई वर्ष बीतने के बाद भी बहस नहीं करने पर स्पेशल जज ईसी एक्ट आनंदप्रकाश ने बुधवार को कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आरोपी की जमानत निरस्त कर बेल बांड रद्द कर दिया। कोर्ट ने अदालत में मौजूद एक आरोपी को जेल भेजने का आदेश देते हुए दो सह अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। मामला बल्दीराय थाने के रामपुर थुआ गांव का है।
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गांव निवासी लक्ष्मीनरायन निषाद का गांव के ही नन्हकऊ निषाद से पटीदारी की रंजिश चल रही थी। 31 अक्तूबर 2008 की शाम करीब चार बजे लक्ष्मीनरायन निषाद नाव से गोमती नदी के दूसरी छोर पर स्थित खेत को देखने जा रहा था। आरोप है कि आरोपी नन्हकऊ निषाद और हेमनापुर निवासी दूधनाथ व उसके बेटे संतोष कुमार ने लक्ष्मीनरायन को नदी के पानी में डुबोकर मार डाला था। पुलिस ने मृतक के भाई देवनरायन निषाद की तहरीर पर केस दर्ज किया था। हत्याकांड का ट्रायल स्पेशल जज ईसी एक्ट की कोर्ट में चल रहा है। सरकारी वकील रमेशचंद्र मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों का साक्ष्य पूरा होने के बाद वर्ष 2015 से मुकदमा बहस में लंबित है। कई पेशी अवसर दिए जाने के बावजूद बचाव पक्ष ने बहस शुरु नहीं की। बुधवार को न्यायाधीश आनंदप्रकाश ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कोर्ट में मौजूद आरोपी नन्हकऊ निषाद को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश देकर उसकी जमानत व बेलबांड रद्द कर दिया। कोर्ट ने आरोपी नन्हकऊ निषाद को जेल भेजने का आदेश देते हुए सह अभियुक्तों दूधनाथ व संतोष कुमार की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
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