10 किलोवाट से कम लोड के मीटरों की भी होगी एमआरआई
सुल्तानपुर। विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अब मीटरों में छेड़छाड़ की गंभीर किस्म के मामलों में विद्युत वितरण खंड एमआरआई (मीटर रीडर इंस्ट्रूमेंट) से खामियों की जांच करेगा।
एमआरआई से बारीक खामियां भी उजागर हो सकेंगी। अभी तक वितरण खंड जिले मेें सिर्फ 10 किलोवाट से ऊपर के वाले लोड के मीटरों की एमआरआई कर रहा है।
उपभोक्ताओं से लोड के मुताबिक राजस्व वसूली के लिए पावर कॉर्पोरेशन चोरी पर शिकंजा कसता जा रहा है। व्यावसायिक कनेक्शनों में चोरी पकड़ने के लिए पावर कॉर्पोरेशन 10 किलोवाट से ऊपर तक के लोड की एमआरआई करवा रहा है।
इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन ने इंटेवेटिव नामक फर्म को टेंडर दिया है। ये कंपनी जिले भर के 10 किलोवाट से ऊपर तक के कनेक्शन धारियों के मीटरों की एमआरआई का काम शुरू कर दिया है।
अब इससे नीचे के उपभोक्ताओं के मीटरों में आ रही चोरी की शिकायतों का पावर कॉर्पोरेशन ने संज्ञान लिया है। पावर कॉर्पोरेशन 10 किलोवाट से नीचे वाले उपभोक्ताओं के मीटरों में गंभीर किस्म की छेड़छाड़ के मामलों की भी एमआरआई कराएगा।
एमआरआई सिस्टम से पावर कॉर्पोरेशन उपभोक्ताओं के मीटर में चोरी की नीयत से की गई छेड़छाड़ का पूरा पोस्टमॉर्टम कर देगा। एमआरआई से इंजीनियर मीटर में की गई चोरी को पकड़ सकेंगे। एमआरआई सिस्टम से बिजली चोरी के धंधे पर अंकुश लग सकेगा।
वितरण मंडल के आंकड़ों की मानें तो जिले में मौजूदा समय में कुल 935 उपभोक्ता 10 किलोवाट से ऊपर के हैं। शहर में इनकी संख्या 325 है। अभी तक इन्हीं उपभोक्ताओं का वितरण मंडल एमआरआई करवा रहा है।
वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता असलम हुसैन ने बताया कि विभिन्न तरीकों से कुछ उपभोक्ता अपने मीटरों में छेड़छाड़ कराकर विद्युत चोरी करते हैं।
चेकिंग के दौरान बड़ी गड़बड़ी मिलने पर 10 किलोवाट से नीचे वाले उपभोक्ताओं के मीटरों की एमआरआई कराई जा सकेगी। इसके तहत वितरण खंड के अधिकारी स्वयं एमआरआई कर सकेंगे। साथ वे कंपनी से भी एमआरआई करा सकेंगे।