फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भादर की 75 हजार आबादी को ओवरलोड से निजात

विज्ञापन
विज्ञापन
भादर की 75 हजार आबादी को ओवरलोड से निजात
विज्ञापन


गौरीगंज। भादर ब्लॉक के घोरहा गांव में स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र को गुंगवाछ स्थित 220 केवी पारेषण उपकेंद्र से जोड़ने के लिए बनाई गई लाइन मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन को हैंडओवर कर दी गई।

लाइन पर बुधवार से लोड दिया जाएगा। भादर उपकेंद्र को गुंगवाछ उपकेंद्र से आपूर्ति मिलने पर उपकेंद्र क्षेत्र की 75 हजार आबादी को लो वोल्टेज, ओवरलोड व ब्रेकडाउन की समस्या से निजात मिलेगी।
विज्ञापन


भादर, भेटुआ व संग्रामपुर ब्लॉक की तीन दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों की 75 हजार से अधिक आबादी को घोरहा स्थित 33/11 केवी विद्युत वितरण उपकेंद्र से विद्युत सप्लाई मिलती है। लोगों को सप्लाई मुहैया कराने के लिए भादर उपकेंद्र को अभी तक विद्युत सप्लाई 132 केवी गौरीगंज से मिलती थी।

यह आपूर्ति एचएएल कोरवा व भेटुआ स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र से होकर आती थी। इसकी वजह से क्षेत्र में लो वोल्टेज व ओवरलोड की समस्या बनी रहती थी। इतना ही नहीं लंबी लाइन होने की वजह से ब्रेकडाउन आने की स्थिति में उसे दुरुस्त करने में कई दिन लग जाते थे।

इस समस्या से लोगों को छुटकारा दिलाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने भादर उपकेंद्र को भेटुआ ब्लॉक के गुंगवाछ गांव में स्थित 220/132 केवी पारेषण विद्युत उपकेंद्र से जोड़ने का आदेश दिया था।

जिम्मेदारी मिलने के बाद विद्युत कार्य खंड फैजाबाद ने पिछले हफ्ते 55 पोल की लंबी लाइन तैयार कर दी थी। कार्यदायी संस्था द्वारा ऊर्जीकृत आदि की औपचारिकता पूरी होने के बाद मंगलवार को लाइन पावर कॉर्पोरेशन को हैंडओवर कर दी गई। अधीक्षण अभियंता पीके ओझा ने बताया कि बुधवार को नई लाइन पर लोड दे दिया जाएगा।

अधिशाषी अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि भादर के गुंगवाछ से जुड़ने का लाभ भादर क्षेत्र की 75 हजार आबादी के अलावा एचएएल व भेटुआ स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों को भी होगा। भादर की लाइन अलग होने से इन दोनों उपकेंद्र का भी ओवरलोड कम हो जाएगा।

एचएएल स्थित उपकेंद्र से भादर उपकेंद्र की दूरी करीब 25 किलोमीटर थी। ऐसे में लाइन ब्रेकडाउन होने के बाद पावर कॉर्पोरेशन के नियमित व आउट सोर्सिंग कर्मियों को फॉल्ट तलाशने के लिए 25 किलोमीटर तक पेट्रोलिंग करनी पड़ती थी।

कभी-कभी तो फॉल्ट ढूंढने में कई दिन लग जाते थे। अब उपकेंद्र से गुंगवाछ तक नई लाइन होने से जहां फॉल्ट आने की संभावना कम होगी वहीं, ऐसा होने पर दूरी मात्र पांच किलोमीटर होने से फॉल्ट को जल्दी दुरुस्त किया जा सकेगा।
विज्ञापन


गुंगवाछ से भादर उपकेंद्र की नई लाइन बनने के बाद भादर व भेटुआ उपकेंद्र को दो सर्किट होने का फायदा मिलेगा। अधीक्षण अभियंता पीके ओझा ने बताया कि इस नई लाइन में फॉल्ट आने से भादर को पूर्व की व्यवस्था के हिसाब से संचालित किया जा सकेगा वहीं, आपात स्थिति में भेटुआ उपकेंद्र को भी गुंगवाछ से जोड़कर चलाया जा सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें