मेनका सुल्तानपुर से पहली महिला सांसद
सुल्तानपुर। भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कड़े संघर्ष में जीत हासिल कर सुल्तानपुर लोकसभा सीट पर इतिहास रच दिया। जीत के साथ ही वह सुल्तानपुर लोकसभा सीट से जीतने वाली पहली महिला प्रत्याशी बनीं।
जिले की लोकसभा सीट के इतिहास में दीपा कौल समेत कई महिलाओं ने अपनी किस्मत आजमाई थी लेकिन वे कुछ कड़े संघर्ष में तो कुछ आसान मुकाबले में परास्त हो गईं।
भाजपा ने इस बार जिले की लोकसभा सीट पर बेटे व मां की सीट पर अदला-बदला कर दी थी। पार्टी ने यहां के सांसद वरुण गांधी को पीलीभीत और उनकी मां व पीलीभीत की सांसद केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को जिले से उतारा था।
शुरुआती दौर में लोग मेनका गांधी की जीत पक्की मान रहे थे लेकिन जैसे-जैसे चुनाव करीब आता गया लड़ाई कठिन होती गई। कड़े संघर्ष में मेनका गांधी ने मोदी की सुनामी में जीत दर्ज कर जिले की लोकसभा सीट पर इतिहास रच दिया।
विजय के साथ ही सुल्तानपुर लोकसभा से जीतने वाली वह पहली महिला प्रत्याशी बन गईं। हालांकि इसके पहले भी वर्ष सपा प्रत्याशी के तौर पर मौजूदा सूबे की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी मैदान में उतरी थीं लेकिन वे कांटे के संघर्ष में भाजपा के डीबी राय से चुनाव हार गई थीं।
दूसरे स्थान पर रहते हुए उन्हें 2,05,583 मत मिला था। इसके बाद 1999 के चुनाव में कांग्रेस ने गांधी परिवार की करीबी दीपा कौल को उम्मीदवार बनाया। वे 82,385 वोट पाकर चुनाव हार गईं।
वे चौथे स्थान पर रहीं। वर्ष 2004 के आम लोकसभा चुनाव में भाजपा ने डॉ. वीणा पांडेय को प्रत्याशी बनाया था। वीणा पांडेय भी 91,296 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने मौजूदा प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह की पत्नी अमीता सिंह को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त मिली। आजादी के बाद मेनका गांधी इस लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाली पहली महिला प्रत्याशी बनी हैं।