फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करंट से लाइनमैन की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
कूरेभार (सुल्तानपुर)। चंदापुर गांव में शटडाउन लेकर विद्युत फॉल्ट ठीक कर रहे एक संविदा कर्मी को करंट लग गया। गंभीर हालत में परिवारीजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसा विद्युत उपकेंद्र पर शटडाउन लेने के बावजूद सप्लाई चालू करने से हुआ।
विज्ञापन


देर शाम परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ शव को इलाहाबाद-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कटका बाजार में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग कर रहे हैं। मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

कूरेभार थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी शमीम उर्फ शम्मू (42) पुत्र माशूक अली 15 वर्षों से पावर कॉर्पोरेशन में संविदा पर लाइनमैन था। शनिवार सुबह क्षेत्र के चंदापुर गांव में बिजली का फॉल्ट ठीक करने के लिए अधिकारियों ने उसे चंदापुर गांव भेजा था।
विज्ञापन


चंदापुर गांव में विद्युत पोल पर चढ़ने से पहले शमीम ने कूरेभार गलिबहा उपकेंद्र से शटडाउन लिया था। पोल पर चढ़कर शमीम फॉल्ट ठीक कर रहा था। तभी उपकेंद्र से सप्लाई चालू कर दी गई। करंट लगते ही शमीम झुलसकर जमीन पर गिर पड़ा। शमीम के साथ मौजूद अन्य कर्मचारी भाग खड़े हुए।

स्थानीय लोगों की मदद से परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने शमीम को मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी होते ही एसओ कूरेभार वीरेंद्र प्रताप यादव घटना स्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। एसओ ने बताया कि मृतक के बड़े भाई इब्राहिम की तहरीर पर पावर कॉर्पोरेशन के गलिबहा उफकेंद्र पर तैनात अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

देर शाम पोस्टमॉर्टम के बाद ग्रामीण शव लेकर घर लौट रहे थे तो इलाहाबाद-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कटका बाजार में प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की मांग थी कि उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचें और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की घोषणा करें। करीब तीन घंटे से प्रदर्शन चल रहा है।

परिवार में मचा कोहराम
प्रतापपुर गांव निवासी शमीम उर्फ शम्मू के परिवार में पत्नी शकीला बेगम, बेटा अंसार (23), एजाज (14), बेटी राबिया (12) व शब्बो (8) हैं। शमीम ही पूरे परिवार का भरण-पोषण करता था। शमीम की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें