बढ़ते प्रदूषण से सिमटता जा रहा कादूनाला जंगल
क्रासर
पर्यावरण पर मंडरा रहा संकट
स्मृति ने की धरोहर सहेजने की पहल
फोटो संख्या-4,5
अमर उजाला ब्यूरो
जगदीशपुर (अमेठी)। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पसंदीदा स्थलों में शुमार कादूनाला इलाके पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सैकड़ों वर्ष पूर्व ऋषियों-मुनियों की तपोस्थली व स्वतंत्रता संग्राम की गौरव गाथा समेटे कादूनाला क्षेत्र में बढ़ते आवागमन, निर्माणाधीन फोरलेन और प्रदूषण से जंगल सिमटता जा रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण पर संकट मंडरा रहा है बल्कि जंगल में मौजूद जंगली जानवर भी पलायन कर रहे हैं। इसे सहेजने के लिए केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने पहल की है। वे क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए सर्वे करवा रही हैं। खासतौर पर यहां स्थापित नारद धाम मंदिर के जीर्णोद्धार की उम्मीद है।
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नहीं हुई कोई पहल
स्वतंत्रत्रा संग्राम की गौरव गाथा समेटे कयाधु नदी का कछार अब कादूनाला के जंगल के रूप में है। साढ़े तीन दशक पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पांच मई 1982 (तब सांसद) को कादूनाला मृग बिहार के रूप डवलप करके जंगल के बीच सड़क, गेस्ट हाउस, डैम झूला आदि का निर्माण करवाया था। देखरेख के अभाव में अब यह जीर्ण-शीर्ण दशा में पहुंच गया है।
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नारद धाम मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए हुआ सर्वे
सुल्तानपुर के तत्कालीन डीएफओ रामकुमार ने जंगल के बीच बने मृग बिहार का सौंदर्यीकरण करवाया था। यह अब टूट चुका है। पिछले 24 मई को केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मिलकर जंगल क्षेत्र में स्थित नारद धाम मंदिर के सौंदर्यीकरण कराने के लिए सर्वे कराया था। केंद्रीय टीम के सर्वे से लोगों में नारद धाम मंदिर के सौंदर्यीकरण की उम्मीद जगी है।
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काटे गए पेड़ के एवज में रोपित होंगे दोगुने पौधे
मुसाफिरखाना रेंज के वन क्षेत्राधिकारि संजय अवस्थी ने बताया कि जानवर पलायन नहीं कर रहे हैं। वन निगम ने जो पेड काटे थे, उसका पैसा नियमानुसार जमा कर दिया है। काटे गए पेड़ के एवज में दोगुने नए पौधे रोपित कराए जाएंगे।