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खंड विकास अधिकारियों ने एडीओ के अधिकारों को हड़पा
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ग्राम निधि के संयुक्त खातों के संचालन को प्रमाणित कर रहे बीडीओ
शासन की गाइड लाइन में एडीओ पंचायत के पास ये अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। शासन की गाइड लाइन के बाद भी जिले के खंड विकास अधिकारियों ने एडीओ पंचायत के अधिकारों को हड़प लिया है। ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी व ग्राम प्रधान का ग्राम निधि का संयुक्त बैंक खाता संचालन को प्रमाणित करने के मिले अधिकार का प्रयोग एडीओ पंचायत नहीं कर पा रहे हैं। एडीओ पंचायतों केे किनारे करके खंड विकास अधिकारी ही ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि का संयुक्त खाता संचालन को प्रमाणित कर रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के संयुक्त ग्राम निधि खाते के संचालन को प्रमाणित करने का अधिकार शासन ने एडीओ पंचायतों को दिया है। एडीओ पंचायतों के प्रमाणित करने के बाद उसे डीपीआरओ की ओर से प्रति हस्ताक्षरित करने की व्यवस्था दी गई है। गाइड लाइन के विपरीत जिले के खंड विकास अधिकारी एडीओ पंचायतों के अधिकारों को हड़प लिया है। शासनादेश में कोई अधिकार न होने के बाद भी जिले के खंड विकास अधिकारी ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि के प्रधान व सेक्रेटरी के संयुक्त बैंक खाते को प्रमाणित कर रहे हैं। बीडीओ के प्रमाण के बाद ग्राम पंचायतों के खाते संचालित हो रहे हैं। हालांकि इसके विरोध में एडीओ पंचायतों ने कई बार आवाज उठाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अधिकार नहीं मिलने से एडीओ पंचायत संवर्ग में नाराजगी है। अपने अधिकारों के हनन से नाराज एडीओ पंचायत संघ ग्राम विकास से अपने को अलग करने की मांग कर रहा है।
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अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया
एडीओ पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि कई बार इसकी आवाज उठाई गई लेकिन उच्चाधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसकी वजह से खंड विकास अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। एडीओ पंचायत संघ अधिकारों के नहीं मिलने को लेकर ही पंचायतराज विभाग को अलग करने की मांग कर रहा है।
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बीडीओ के नियंत्रण में नहीं पंचायतराज कर्मी
जिला पंचायतराज अधिकारी अरविंद कुमार ने भी इसे गलत माना है। उनका कहना है कि शासन में इन्हीं सब मुद्दों को लेकर लड़ाई चल रही है। खंड विकास अधिकारियों के नियंत्रण में पंचायतराज कर्मी नहीं होते हैं।
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