सुल्तानपुर। यूपीडा व पीडब्ल्यूडी के फेर में 150 से अधिक सड़कों का निर्माण फंस गया है। एक्सप्रेसवे के बदले यूपीडा ने करीब पांच लाख से अधिक ग्रामीणों को टूटी सड़काें का तोहफा दिया है। दोनों विभागों के चक्कर में करीब डेढ़ साल से इन सड़काें की मरम्मत नहीं हो सकी। बारिश के दौरान टूटी सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल अभी तक मामले का निस्तारण नहीं हो सका है।
लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान मिट्टी पटाई व गिट्टी आदि की ढुलाई में पीडब्ल्यूडी की करीब 150 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। भारी वाहनों के गुजरने से इन पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। इसमें बल्दीराय, सदर, जयसिंहपर व कादीपुर तहसील क्षेत्र के तहत लोक निर्माण प्रांतीय खंड व लोक निर्माण विभाग खंड तीन की सड़कें शामिल हैं।
एक्सप्रेसवे बनवाने के दौरान यूपीडा ने ग्रामीण क्षेत्र की सड़काें को पहले की तरह बनवाने का आश्वासन दिया था लेकिन काम खत्म होने के बाद मामला दोनों विभागों के फेर में फंस गया है। शासन के निर्देश पर पिछले वर्ष पीडब्ल्यूडी की ओर से पूरा विवरण मांगा गया था।
इस पर यूपीडा व लोक निर्माण विभाग की ओर से सामूहिक सर्वे करके रिपोर्ट भेजी गई थी लेकिन तब से रिपोर्ट लंबित है। आज तक सड़काें को नहीं बनवाया जा सका। सड़कें न बनने से चार तहसील क्षेत्र की करीब पांच लाख की आबादी को आवागमन में करीब डेढ़ साल से अधिक समय से परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दौरान लोग गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
प्रधानमंत्री ने किया था लोकार्पण
लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 नवंबर वर्ष 2021 को लोकार्पण किया था। इसके बाद सिक्सलेन पर आवागमन शुरू हो गया। करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी दोनों विभागों के चक्कर में लोग चोटिल हो रहे हैं। मरम्मत न होने से इस बार भी बारिश में लोगों को ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ सकती है।
विद्यालय से बाईपास तक की सड़क क्षतिग्रस्त
दोस्तपुर। कस्बे के पास एक निजी स्कूल से बढ़ौली बाईपास तक की सड़क एक्सप्रेसवे की मिट्टी ढुलाई के दौरान टूट गई थी। स्थानीय लोगों की मांग के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इस वजह से बारिश में सड़क पर पानी भर जाता है। पिछले दिनों हुई बारिश से सड़क पर पानी भर गया। लोग आवागमन के दौरान गिरकर चोटिल होते रहते हैं। इसी तरह बढ़ौल चौराहे से कामतागंज, सिकिया से बनी अहलहदादपुर समेत अन्य सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। बढ़ौली निवासी रोहन यादव ने बताया कि विभाग की ओर से सड़कों को नहीं बनवाया जा रहा है। (संवाद)
बारिश में टूटी सड़कों पर भर रहा पानी
बल्दीराय। तहसील क्षेत्र के महुली के पास गुजरे एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सड़क टूटकर गड्ढे में तब्दील हो गई। इसके साथ ही क्षेत्र की अन्य दो दर्जन सड़कें भी टूट गई हैं। मरम्मत न कराए जाने से पिपरी, उसकामऊ, तिरहुत, फत्तेपुर समेत अन्य गांवें के लोगों को रोज आवाजाही मेें परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश में सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन में और खतरा बना रहता है। (संवाद)
टूटी सड़क पर आवागमन हुआ मुश्किल
जयसिंहपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान डंपरों से मिट्टी की ढुलाई में क्षेत्र के बगियागांव-बिरसिंहपुर, पीढ़ी-बगिया गांव समेत अन्य दर्जन भर से अधिक सड़कें टूट गई हैं। बारिश में सड़कों पर पानी भर गया है। इस वजह से राहगीरों को गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाता है। मरम्मत न होने से लोग गिरकर चोटिल होते रहते हैं। इसके अलावा धनपतगंज, कूरेभार व अखंडनगर क्षेत्र में भी दर्जनों सड़कें टूट गईं। यूपीडा की ओर से सड़कों को नहीं बनवाया जा रहा है।
मरम्मत न करने पर होगी पैसे की कटौती
एक्सप्रेसवे के निर्माण से टूटी सड़काें की जांच करीब एक साल पहले कराई गई थी। यूपीडा की ओर से कार्यदायी फर्म को सड़क की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। फर्म के मरम्मत न करने पर उसके पैसे की कटौती की जाएगी।
-डीके सिंह, अधिशाषी अभियंता, यूपीडा