सुल्तानपुर। जिले में पहली बार एफडीआर तकनीक से 15 सड़कों का निर्माण शुरू हुआ है। मिट्टी, गिट्टी व सीमेंट के साथ केमिकल डालकर तैयार की जा रही सड़क करीब 10 साल टिकाऊ होगी। पीएमजीएसवाई के तहत बनाई जा रही सड़कों में से पांच का दूसरे व 10 सड़कों का पहले चरण का काम जारी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जिले में स्वीकृत 15 सड़कों का निर्माण पहली बार नए तरीके से किया जा रहा है। सड़कों को एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीक से बनाने में जापान व नीदरलैंड निर्मित मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है।
पुरानी सड़क को मशीनों से उखाड़कर कर उसकी मिट्टी व गिट्टी को छोटे टुकड़ों में करके मिला दिया जाता है। इसके बाद उसमें मानक के मुताबिक सीमेंट व एक विदेशी केमिकल को मिलाकर सड़क को समतल किया जाता है। तीन चरणों में बनाई जाने वाली सड़क का दो बार लैब टेस्ट कराया जाना है।
शासन से बीते वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 15 सड़कों की स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था आरईडी ने काम शुरू करा दिया है। कार्यदायी संस्था के मुताबिक एफडीआर तकनीक से बनने वाली सड़क कम से कम 10 साल टिकाऊ होगी। काम कराने वाली फर्म की पांच साल तक गारंटी होगी। इस बीच सड़क में खामी आने पर फर्म को सड़क की मरम्मत करानी पड़ेगी।
इन सड़कों पर शुरू हुआ कार्य
पीएमजीएसवाई से जिले में 15 सड़कों की मंजूरी मिली है। इनमें बल्दीराय भवानीगढ़ से डेहरियावां कांपा, धनपतगंज में हड़ौरा से चंदौर, कटका मायंग रोड से महमूदपुर, मायंग से नौगवांतीर, कादीपुर में करौंदीकलां से रवनिया से कटघर पूरे चौहान, कूरेभार में पीढ़ी से बिझूरी व प्रतापपुरकमैचा में अमरूपुर से गुलालपुर की सड़क शामिल है।
इनके अलावा लंभुआ में बेदूपारा से अर्जुनपुर भिटवा, अखंडनगर में हमीदपुर से तदीपुर, दुबेपुर में महेसरगंज से अलहदादपुर, पैगापट्टी से बसौढ़ी, पिकौरा से कचनावां, जयसिंहपुर में जयसिंहपुर से भटमई, भदैंया में बभनगवां से बदरुद्दीनपुर व कुड़वार में रामपुर से पूरे भिखारी का निर्माण कराया जाना है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता हिमांशु पांडेय ने बताया कि एफडीआर तकनीक से सड़क का निर्माण चरणवार शुरू करा दिया गया है। मशीनें व केमिकल आ गया है।