सुल्तानपुर जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। -संवाद
सुल्तानपुर। चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी से लोग डायरिया और सांस संबंधी बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। रविवार को उल्टी-दस्त और सांस के रोगियों से मेडिकल कॉलेज पट गया। वार्डों में बेड कम पड़ने पर आपदा वार्ड को भी खोल दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में अब्दुल गनी निवासी दरजीपुर, शोभराज सिंह निवासी पुरुषोत्तमपुर, प्रेमपती निवासी झौव्वारा, महादेव यादव निवासी दौलतपुुर, नइका निवासी बैतीकलां, हीरा सिंह निवासी उतुरी को सांस व बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती किया गया। इसके साथ ही चमेला निवासी हयातनगर, वारिस अली निवासी असरोगा, रहमत निवासी शाहपुर और प्रखर मिश्रा निवासी कटका को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर चिकित्सक ने भर्ती कर वार्ड में शिफ्ट किया है।
चिकित्सकों के मुताबिक भीषण गर्मी के चलते शरीर में पानी की मात्रा बेहद कम हो जाती है। इस वजह से लोग डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। मौसम में तब्दीली की वजह से लू भी चल रही है। इससे लोग सांस के रोगी बन रहे हैं।
डायरिया से बचाव के उपाय
डायरिया से बचाव के लिए दिन भर में चार से पांच लीटर पानी पीने की जरूरत है। बाहर निकलते समय फुल आस्तीन का हल्के रंग का सूती कपड़ा पहनें। तेज धूप व लू से बचें। छतरी व कपड़े से चेहरा और शरीर ढकें। हमेशा ताजा भोजन खाएं। बासी व बाजार में कटे हुए फल आदि खाने से बचें। वहीं खुले में बिक रहे जूस व बर्फ के पानी से भी परहेज करना जरूरी है। कई बार दूषित पानी से बनी बर्फ के प्रयोग से भी बीमारी का अंदेशा बना रहता है। खुले में बिकने वाले चाट व तली-भुनी चीजों से परहेज जरूरी है। तबीयत खराब होने पर चिकित्सक से संपर्क कर उचित सलाह व उपचार लें।