सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दो माह में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चालकों को झपकी आने, तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराने के कारण हादसे हो रहे हैं। शनिवार को दोस्तपुर के बढ़ौली गांव के पास दो कारों की भिड़ंत में बिहार के दो लोगों की मौत के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। 27 अगस्त को बल्दीराय क्षेत्र में चालक को झपकी आने से बिहार जा रही निजी बस ट्रक में घुस गई थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 16 घायल हुए थे। 23 सितंबर को इसी क्षेत्र में झपकी आने से बोलेरो अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत और छह लोग घायल हुए थे।
चार अक्तूबर को हलियापुर क्षेत्र में सड़क पर खड़े ट्रक में पीछे से एंबुलेंस घुस गई थी। हादसे में चार लोगों की जान चली गई थी। बल्दीराय क्षेत्र में माइलस्टोन 84.5 के पास सेब लदी पिकअप ट्रक से टकरा गई थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी। सात अक्तूबर को बल्दीराय क्षेत्र में कार पीछे से ट्रक में घुस गई थी। इस हादसे में चार क्रिकेट खिलाड़ियों की मौत हो गई थी। शनिवार दोपहर दोस्तपुर के बढ़ौली गांव के पास दो कारों की भिड़ंत में बिहार के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए थे।
सीसीटीवी से निगरानी, गश्ती दल भी सक्रिय
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी धनेश कुमार ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। गश्ती दल भी नियमित रूप से भ्रमण करता है। सड़क पर खड़े मिलने वाले वाहनों के नंबर के आधार पर यातायात पुलिस को सूचना दी जाती है।