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अव्यवस्थाओं के बीच गोमती में डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु
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धोपाप में गंगा दशहरा मेला आज
अमर उजाला ब्यूरो
लंभुआ। श्रद्धालुओं की आस्था व विश्वास के केंद्र धोपाप घाट का प्रसिद्ध गंगा दशहरा पर्व रविवार को मनाया जाएगा। पर्व पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गोमती नदी में डुबकी लगाते हैं। घाट पर बड़ा मेला लगता है। इसे लेकर प्रशासन की तैयारियां अब तक अधूरी हैं। रास्ते से लेकर गोमती नदी के घाट तक पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। पेयजल की तक की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है।
देश के पौराणिक स्थलों में शामिल तीर्थस्थल धोपाप में प्रतिवर्ष जेठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी को आसपास के इलाकों के अलावा दूरदराज के जिलों से भी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु स्नान के बाद याचकों को अन्नदान की परंपरा का निर्वहन करते हैं। गंगा दशहरा के दिन धोपाप में पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से प्रशासनिक तैयारियां अभी अधूरी हैं। यहां पर लाखों की लागत से बनी पानी की टंकी निष्प्रयोज्य पड़ी है। पीने के पानी के लिए वॉटर शेड बनाया गया है लेकिन उसमें से पानी नहीं निकलता है। घाट की साफ-सफाई के इंतजाम भी ठीक नहीं हैं। हाल ही में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोमती नदी के तट पर नवीन पुल का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। हालांकि अभी तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। निर्माणाधीन पुल पर लगी लोहे की सरिया श्रद्धालुओं के खतरे का सबब बन सकती है। इसकी बैरीकेडिंग के लिए भी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। नदी की जलकुंभियों की सफाई भी नहीं कराई गई है। धोपाप घाट को जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का सामान जगह-जगह पड़ा है। इससे भी श्रद्धालुओं को आवागमन में समस्या हो सकती है।
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‘भगवान राम ने किया था स्नान’
फोटो संख्या-11
पंडित राम किशोर त्रिपाठी ने बताया कि पौराणिक मान्यता के मुताबिक त्रेता युग में भगवान राम ने रावण वध के बाद इसी स्थान पर स्नान करके ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति पाई थी। तभी से इस स्थान का नाम धोपाप पड़ गया। कहते हैं कि यहां स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं।
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इनसेट
मुस्तैद रहेगा पुलिस-प्रशासन
नायब तहसीलदार विकासधर दुबे ने बताया कि घाट पर सीमेंट की बोरियां रखवाई जाएंगी। गंगा दशहरा के दिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से घाट पर दो नाविक व सात गोताखोरों को लगाया गया है। इसके अलावा घाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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