सुल्तानपुर। जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। अभी हाल ही में चांदा में डेंगू से युवक की मौत के बाद मासूम समेत चार अन्य लोग भी डेंगू की चपेट में आए गए हैं। चारों पीड़ितों को जिला अस्पताल के आपदा प्रबंधन वार्ड में भर्ती कराया गया है। तेजी से फैल रहे डेंगू से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।
मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के इंसानपुर गांव निवासी देवसरन के छह वर्षीय बेटे अखिलेश को बुखार था। जांच के बाद डेंगू की पुष्टि होने पर अखिलेश को जिला अस्पताल के आपदा वार्ड में भर्ती कराया गया है।
पड़ोसी जिले अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के पलिया पूरब गांव निवासी मोहम्मद अय्याज (18) पुत्र मोहम्मद अब्बाज को कई दिनों से बुखार था। परिवारीजन अय्याज को लेकर बृहस्पतिवार को सुल्तानपुर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद वह डेंगू पॉजिटिव पाया गया। इसके साथ ही जिले के चांदा क्षेत्र की रहने वाली विमला (30) और सुधांशू (28) में भी डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है।
चिकित्सकों को किया गया अलर्ट
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषणनाथ त्रिपाठी की मानें तो ऐसे मौसम में पेट में संक्रमण संबंधित बीमारियां तो पनपती ही हैं। मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लिहाजा इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। डेेेंगू के लिए जिला अस्पताल में आपदा प्रबंधन वार्ड बनाया गया है। सीएचसी व पीएचसी पर सभी चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है। कर्मियों को हिदायत दी गई है कि ड्यूटी पर मौजूद रहें।
यह है डेंगू
डॉ. सुधाकर सिंह बताते हैं कि डेंगू एडिज एजिप्टाइज मच्छर के काटने से होता है। अगर साधारण मच्छर डेंगू पाजिटिव मरीज को काटकर दूसरे को काटता है तो उसे भी डेंगू हो जाता है।
डेंगू के लक्षण
1. इसमें तेज बुखार, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द व शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं।
2. दांत, मुंह, नाक से खून आने लगता है।
3. रक्त की जांच में प्लेटलेट्स एक लाख से कम होने लगते हैं।
4. डेंगू पूर्व में डाइबिटीज स्वश्न कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए खतरनाक होता है।
डेंगू से बचाव के उपाय
1. घरों की छतों पर टायर व पुराने बर्तनों में जलभराव न होने दें।
2. कूलर आदि का पानी समय-समय पर बदलते रहे।
3. घर के बगल गड्ढों व खाली प्लाटों में जलभराव न होने दें।
4. जलभराव वाले स्थलों पर जले हुए मोबिल, मिट्टी का तेल कुछ मात्रा में डाल दें।
5. सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें।
6. पूरी आस्तीन के कपड़े पहने।
7. घर की खिड़कियों, रोशनदान पर महीन जाली लगवाएं।
8. बुखार आदि आने पर निकटतम अस्पताल पहुंचे और चिकित्सीय परामर्श के अनुसार रक्त की जांच कराएं।
- डॉ. मनीष यादव, चिकित्सक जिला अस्पताल