3300 अपात्र ले रहे समाजवादी पेंशन
सुल्तानपुर। प्रदेश की पूर्व सरकार की ओर से संचालित समाजवादी पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी प्रकाश में आई है। सत्ता में बदलाव के बाद कराई गई जांच में करीब 3300 अपात्र पाए गए हैं। रिपोर्टों में इन्हें साधन संपन्न बताया गया है। यही नहीं इसमें 92 मृतक भी पाए गए हैं। विभाग अब रिपोर्ट का सत्यापन नोडल अधिकारियों से कराने की तैयारी में है।
सूबे की सत्ता में हुए बदलाव के बाद भाजपा सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना को बंद करते हुए जांच के आदेश दिए थे। शासन के निर्देश पर कराई गई जांच में योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी प्रकाश में आई है। पहले चरण की जांच में करीब 3300 पेंशनधारक अपात्र पाए गए हैं। इन लाभार्थियों पास पक्का मकान, दो पहिया, चार पहिया वाहन समेत संपन्नता के कई संसाधन हैं।
यही नहीं जांच के दौरान 92 मृतक भी पेेंशन के लाभार्थी निकले हैं। ब्लॉक के अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को भेज दी है। योजना में बड़े पैमाने पर अपात्रों के मिलने एवं मृतकों के पाए जाने पर विभाग में हलचल मची है। विभाग नोडल अधिकारियों से दोबारा सत्यापन कराने की तैयारी में है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रामचंद्र दूबे ने बताया कि समाजवादी पेंशन योजना में अपात्रों की जांच नोडल अधिकारियों से कराई जाएगी। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।
गत वर्ष 65 हजार को दी गई पेंशन
समाजवादी पेंशन योजना के तहत पूर्व सरकार ने कई मानक रखे थे। मानकों पर खरा उतरने वालों को भी लाभ देने का निर्देश था। योजना के तहत लाभार्थियों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे। पिछले वर्ष योजना के तहत करीब 65 हजार लाभार्थी चयनित किए गए थे। विभाग ने इन्हें पेंशन जारी की थी।
पेंशन बढ़ाने के भी रहे निर्देश
योजना के तहत निर्धारित मानक पूरा करने वाले लाभार्थियों की प्रतिवर्ष 50 रुपया पेंशन बढ़ाने के निर्देश गए थे। इसमें परिवार में बच्चों की शत-प्रतिशत शिक्षा, टीकाकरण आदि भी शामिल था। मानकों को पूरा नहीं करने वालों का नाम काटने एवं पूरा करने वालों की पेंशन बढ़ाने के निर्देश थे। हालांकि इसकी कोई खास पड़ताल नहीं हो सकी थी।