जांच के नाम पर प्रकरण
को ठंडे बस्ते में डाला
क्रासर
अमर शहीद आजाद का नाम मिटवाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सरकारी पैसे से स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर बने तोरणद्वार पर उनका नाम मिटवाने के मामले में प्रशासन सुस्त है। जांच के बाद कार्रवाई की बात कहने वाला प्रशासन अब इसे ठंडे बस्ते में डालने पर आमादा दिख रहा है। प्रकरण को दबा दिए जाने से लोग अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
मोतिगरपुर विकास खंड के बढ़ौनाडीह ग्राम पंचायत में पांडेयबाबा धाम के पास वर्ष 2009 में तत्कालीन ग्राम प्रधान सरजू देवी ने विधायक निधि से अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर तोरणद्वार बनवाया था। तोरणद्वार का उद्घाटन एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने किया था। इसके बाद ग्राम पंचायत के संजय सिंह ग्राम प्रधान चुने गए। आरोप है कि उन्होंने अमर शहीद चंद्रशेखर का नाम पुतवा कर उस पर अपने पूर्वज ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह का नाम लिखवा दिया। मामला सुर्खियों में आने के बाद डीएम हरेंद्र वीर सिंह ने इसे अमर शहीद का अपमान बताते हुए सीडीओ से जांच कराने एवं प्रकरण सही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही थी। प्रकरण के खुुलासे को 20 दिन से अधिक बीत गए। डीएम की ओर से कार्रवाई व जांच के संबंध में कही गई बात सिर्फ बयान तक सीमित रह गई। अभी तक न तो प्रकरण की जांच हो सकी और न ही कार्रवाई। फिलहाल शिकायतकर्ता जयप्रकाश सिंह ने प्रकरण फिर डीएम के पास पहुंचाया है।