शिक्षक ने अपने वेतन से बदली विद्यालय की तस्वीर
सुल्तानपुर। सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों की धारणा ठीक नहीं है। लोगों का मानना है कि यहां न उचित शिक्षा मिलती है और न ही आधुनिक संसाधन ही विद्यालयों को उपलब्ध हो पाते हैं। भदैयां विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक मुनेंद्र मिश्र ने इस धारणा को बदलने का काम किया है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से विद्यालय को अलग पहचान दिलाई है। इसके लिए वे अपने वेतन से बच्चों को आधुनिक संसाधन भी मुहैया कराते हैं। यही नहीं, विद्यालय को अलग लुक देने के लिए शिक्षक ने स्कूल की इमारत को ट्रेन के इंजन की शक्ल में पेंट कराया है।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर के शिक्षक मुनेंद्र मिश्र अलग पहचान दिलाने में जुटे हैं। इस मुहिम में वे काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं। वर्ष 2016 में स्कूल में जॉइनिंग के समय विद्यालय की दशा बेहद खराब थी। अकादमिक स्तर, मूलभूत सुविधा एवं विकास के मानकों पर विद्यालय पिछड़ा हुआ था। लगभग ढाई साल में मुनेंद्र मिश्र की मेहनत ने विद्यालय को अलग पहचान दिलाई। वर्ष 2016 की तुलना में छात्र संख्या में डेढ़ गुना से ज्यादा वृद्घि हुई है।
विद्यालय में बच्चों के अध्ययन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इस विद्यालय के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्रतिदिन स्मार्ट क्लास एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। बगैर सरकारी मदद के शिक्षक मुनेंद्र मिश्र ने अपने वेतन से बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराया है। जिस पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं। सिलाई, कढ़ाई, संगीत की भी तालीम दी जा रही है। विद्यालय भवन को पेंट कराकर ट्रेन के इंजन का स्वरूप दिया गया है। कक्षों की भीतरी एवं बाहरी दीवारों पर शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ी चीजें पेंट की गई हैं। विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को कक्षावार प्रतिमाह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर टॉपर ऑफ द मंथ अवार्ड भी दिया जाता है।
विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों ने लगातार दूसरी बार स्टेट लेवल चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर मेडल हासिल किए। इस बार आयोतिज स्टेट लेवल प्रतियोगिता में क्रिकेट टीम में विद्यालय के छह बच्चों ने प्रतिभाग किया। फैजाबाद मंडल की ओर से प्रतिभाग करते हुए बच्चों ने गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर के बच्चों को सिल्वर मेडल हासिल हुआ।