10 ग्राम पंचायतों में होगी तीन वर्षों के काम की जांच
क्रासर
गुणवत्ता बढ़ाने के लिए निदेशक ने बनाई योजना
मंडलायुक्त की अगुवाई में गठित हुई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। पंचायतीराज संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने व धन का दुरुपयोग रोकने के लिए निदेशक ने कार्यों की स्थलीय जांच करवाने की योजना बनाई है। इसके लिए स्वतंत्र टीएसी टीम गठित करते हुए जिले की 10 बड़ी ग्राम पंचायतों में जांच कराने के साथ ही 15 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है।
ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आवंटित होने वाली धनराशि के दुरुपयोग व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतों को देखते हुए शासन ने स्थलीय जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए निदेशक पंचायतीराज ने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में स्वतंत्र टीएसी टीम का गठन किया है। टीम गठन के बाद निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों का नाम, तीन वर्ष में कराए गए कार्यों व आवंटित धनराशि का ब्योरा निर्धारित प्रारूप पर मंडलायुक्त कार्यालय को देने का आदेश दिया है। टीम पहले चरण में किसी भी 10 ग्राम पंचायतों में तीन वर्ष में कराए निर्माण कार्य, आवंटित धनराशि के प्रयोग की स्थलीय जांच तथा इसके बाद ग्राम पंचायतों की चरणवार जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट निदेशक को देगी। रिपोर्ट मिलने के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब मिलने व आवंटित धनराशि का दुरुपयोग पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निदेशक का पत्र सार्वजनिक होने के बाद पंचायतीराज विभाग सतर्क हो गया है।