सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े विद्यालयों में डिजिटल पठन-पाठन की व्यवस्था को आगे बढ़ाने के साथ ही अब यहां के आवश्यक दस्तावेज व रजिस्टर को भी डिजिटाइज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। शासन ने विद्यालयों में प्रयोग किए जाने वाले 12 रजिस्टरों को डिजिटल करने का निर्देश दिया है। आगे चलकर इन रजिस्टरों पर ऑनलाइन रियल टाइम अपडेशन किया जाएगा।
विद्यालयों में प्रयोग किए जाने वाले प्रवेश, कक्षावार छात्र उपस्थिति, एमडीएम रजिस्टर, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण व स्टॉक रजिस्टर डिजिटाइज किए जाएंगे। इसके अलावा आय-व्यय व चेक जारी करने वाला रजिस्टर, बैठक, निरीक्षण, पत्र व्यवहार, बाल गणना, पुस्तकालय व खेलकूद रजिस्टर को भी डिजिटाइज किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग प्रेरणा पोर्टल पर डिजिटल रजिस्टर के नाम से नया मॉड्यूल विकसित करेगा।
इन रजिस्टरों के ऑनलाइन होने के बाद इनके प्रयोग के लिए शिक्षकों व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिजिटल रजिस्टर का प्रयोग जिस दिन से प्रभावी होगा, उसी दिन से इनमें सभी एंट्री ऑनलाइन की जाएगी। पहले के अभिलेख विद्यालय स्तर पर ही सुरक्षित रखे जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा है कि शिक्षक व प्रधानाध्यापक डिजिटल रजिस्टर एप का प्रयोग अपने मोबाइल/स्मार्टफोन से करते हुए सभी सूचनाओं को अपलोड करेंगे।
बीईओ, बीएसए, सीडीओ, डीएम व राज्य स्तर के अधिकारी इससे संबंधित सूचनाओं को प्रेरणा एप पर देख सकेंगे। रजिस्टर के डिजिटल होने के बाद किसी भी तरह के रजिस्टर का प्रयोग विद्यालय या अन्य स्तर पर नहीं किया जाएगा। डिजिटल रजिस्टर में दर्ज सूचनाएं ही प्रामाणिक मानी जाएंगी। इस वजह से पारदर्शिता आने और डाटा में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी।
टैबलेट मिलने के बाद होगा लागू
परिषदीय विद्यालयों में रजिस्टरों को डिजिटाइज किए जाने का काम होना है। इसके लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अभी शासन का कोई निर्देश नहीं आया है। विद्यालयों को टैबलेट दिए जाने हैं। टैबलेट मिलने के बाद डिजिटाइजेशन का काम कराया जाएगा।
-दीपिका चतुर्वेदी, बीएसए