बहमरपुर में दिवाली के तैयार डिजाइनर घड़े व दीये। संवाद
सुल्तानपुर। दिवाली नजदीक आते ही स्वयं सहायता समूह की 116 महिलाएं मिट्टी के दीये और खिलौने बनाने में जुट गई हैं। इससे त्योहार पर उनकी आमदनी होगी और उनके घर भी रोशन होंगे। पिछले वर्ष भी इन उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई थी।
महिलाएं स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए दीये और खिलौने तैयार कर रही हैं। उन्हें अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम से बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। कुड़वार के विनायकपुर समूह की गीता ने बताया कि कई महिलाएं दीये बना रही हैं। बहमरपुर गांव में संगीता सहित अन्य महिलाएं भी इस कार्य में लगी हैं। उनका कहना है कि दिवाली नजदीक आने पर इन्हें बाजार में स्टॉल लगाकर बेचा जाएगा। लोग अब घरों को मिट्टी के दीयों से रोशन करना अधिक पसंद करते हैं। बड़ा ऑर्डर मिलने पर मेहनत के मुताबिक अधिक आमदनी होती है।
10 से अधिक महिलाएं बना रही दीये
ब्लॉक मिशन प्रबंधक ममता ने बताया कि ब्लॉक में 10 से अधिक महिलाएं मिट्टी के दीये व खिलौने बना रही हैं। बड़ा ऑर्डर मिलने पर महिलाओं को अधिक आमदनी होगी। एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 116 समूह की महिलाएं दीये व खिलौने बना रही हैं। शहर में धनतेरस के करीब स्टॉल लगवाने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे त्योहार पर महिलाओं की आय बढ़ेगी।