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नामांकन पत्रों की जांच

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जांच के बाद आठ का नामांकन पत्र खारिज
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सुल्तानपुर। लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बुधवार को निर्वाचन अधिकारी ने विभिन्न खामियों के चलते आठ नाम निर्देशन पत्रों को खारिज कर दिया। आठ नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद अब मैदान में 15 प्रत्याशी बचे हैं। नामांकन पत्रों की जांच को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट में दिनभर गहमागहमी रही।


नामांकन पत्रों के दाखिले की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी होने के बाद बुधवार को नाम निर्देशन पत्रों की सुबह से जांच शुरू हुई। डीएम न्यायालय कक्ष में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने नामांकन पत्रों की जांच शुरू की।
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शाम तक चली नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कई लोगों के नाम निर्देशन में त्रुटियां पाई गईं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अपूर्ण होने के आरोप में आठ लोगों का नाम निर्देशन पत्र निरस्त कर दिया।


इसमें अपना देश पार्टी के अशोक कुमार, राष्ट्रीय डेमोक्रेटिव फ्रंट के डॉ. प्रदीप कुमार, सनातन संस्कृति रक्षा दल के पवन कुमार, सत्य शिखर पार्टी के राधेश्याम श्रीवास्तव शामिल हैं। निर्दलीय में बृजेश कुमार, संतराम, अंजली कुमार व अमरेंद्र बहादुर सिंह का नामांकन पत्र निरस्त किया गया है।


जिला निर्वाचन अधिकारी बताया कि जांच के बाद भाजपा प्रत्याशी मेनका संजय गांधी, कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह, बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह, राष्ट्रीय इंसाफ पार्टी के हरीलाल, सोहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की प्रत्याशी सुनीता राजभर का नामांकन पत्र वैध पाया गया है।


इसके साथ ही कांशीराम बहुजन समाज पार्टी से फिरोज अहमद, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से कमला यादव, आम जनता पार्टी से मंजूलता पाल, भारत प्रभात पार्टी से नासिर अली, भारतीय हिंद फौज से ऋषभ श्रीवास्तव के परचे वैध घोषित किए गए हैं।


निर्दलीय में अबु उमैया, अखिलेश, वीरेंद्र, मथुरा व राजकुमार का नामांकन पत्र जांच में वैध पाया गया है। नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब 15 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। नाम निर्देशन पत्रों की जांच के दौरान सामान्य प्रेक्षक विनोद कुमार सिंह, एडीएम हर्षदेव पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।


डीएम न्यायालय में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान प्रसपा प्रत्याशी कमला देवी ने बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह सोनू पर शपथपत्र में आपराधिक इतिहास छिपाने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन अधिकारी के पास आपत्ति दर्ज कराई।


कमला देवी ने कूरेभार थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 249/14 का शपथ पत्र में जिक्र नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही आपत्ति के बिंदु एक के ब, स, द में दर्ज आपराधिक मुकदमों में धारा छिपाने का आरोप लगाया।


उन्होंने मुकदमा व धारा छिपाने का आरोप लगाते हुए गठबंधन प्रत्याशी की उम्मीदवारी को चुनौती देते हुए निरस्त करने की मांग की। जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने सुनवाई के बाद उनकी आपत्ति को खारिज करते हुए बसपा-सपा प्रत्याशी का परचा वैध घोषित कर दिया।


जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है। शुक्रवार को डीएम न्यायालय कक्ष में प्रत्याशी अपना नाम निर्देशन पत्र वापस ले सकते हैं। सुबह से प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद प्रत्याशियों को प्रतीक चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
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नामांकन में 23 के नाम निर्देशन करने से प्रशासन के सामने दो बैलेट यूनिट लगाने का झंझट दिख रहा था। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान आठ नाम निर्देशन पत्र निरस्त होने के बाद इसका झंझट खत्म हो गया।


जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक अब केवल एक बैलेट यूनिट से मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सभी मतदेय स्थलों पर एक बैलेट यूनिट लगेगी।
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