दो लेखपाल और कानूनगो
को भारी पड़ी लापरवाही
क्रासर
एसडीएम तिलोई ने लेखपालों को किया सस्पेंड
ऋण मोचन सूची नहीं देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। शासन की अतिमहत्वाकांक्षी ऋण मोचन योजना में लापरवाही बरतना दो लेखपाल व राजस्व निरीक्षक सेमरौता को भारी पड़ गया। लापरवाही पर एसडीएम ने दोनों लेखपालों को सस्पेंड करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। एसडीएम की कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
सूबे की भाजपा सरकार ने शपथ ग्रहण मंच से ही किसानों का एक लाख रुपए तक का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। बीते दिनों शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया था। जारी आदेश के बाद एसडीएम ने सभी सर्किल कानूनगो व लेखपालों से बैंक अकाउंट से आधार लिंक करवा चुके किसानों की सूची देने को कहा था। इसके लिए लेखपालों को पहले 20 फिर 30 जुलाई तक का समय दिया था। डेडलाइन बढ़ने के बावजूद रस्तामऊ के लेखपाल पशुपतिनाथ द्विवेदी और अगौना के लेखपाल ओमप्रकाश सिंह ने अपने गांवों की सूची राजस्व निरीक्षक के माध्यम से तहसील में नहीं जमा की। लापरवाही पर एसडीएम डॉ. अशोक कुमार शुक्ल ने दोनों लेखपालों को सस्पेंड करते हुए राजस्व निरीक्षक एजाज अहमद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। एसडीएम की कार्रवाई से लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
इनसेट
लापरवाही से बाधित हुआ अस्पताल निर्माण
लेखपाल पशुपतिनाथ द्विवेदी पर रस्तामऊ में बनने वाले 200 बेड के अस्पताल की भूमि नापने में भी लापरवाही बरतने का भी आरोप है। एसडीएम की मानें तो मुख्य मार्ग पर मात्र 80 मीटर सरकारी जमीन के साथ ही 40 मीटर किसान की जमीन को शामिल कर 120 मीटर दिखा दिया। अब 40 मीटर किसान की भूमि पड़ने के कारण अस्पताल का निर्माण बाधित है।