गौरीगंज। डीएम ने जिले में संचालित चकबंदी प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने का निर्देश चकबंदी अफसरों को दिया है।
डीएम ने चकबंदी प्रक्रिया में शामिल ग्रामों में महीने में एक बार डीडीसी और एसओसी की उपस्थिति में चौपाल लगाने और हफ्ते में एक दिन लेखपाल को अपने तैनाती वाले ग्रामों में भ्रमण कर समस्याओं के निस्तारण का निर्देश दिया है।
किसानों के उत्पीड़न की शिकायत पर डीएम ने संबंधित चकबंदी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।
जिले में संचालित चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डीएम योगेश कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएम ने कहा है कि चकबंदी प्रक्रिया के तहत किसानों का उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चकबंदी अफसरों को किसानों के उत्पीड़न की शिकायत सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।
डीएम ने कहा है कि ऐसे ग्राम जहां चकबंदी प्रक्रिया संचालित है, वहां महीने में एक बार चौपाल आयोजित कर किसानों की समस्याओं का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण किया जाए।
चौपाल में डीडीसी, एसओसी, सीओ और संबंधित एसीओ अपने स्टाफ के साथ मौजूद रहेंगे। डीएम ने बंदोबस्त अधिकारी को संबंधित गांव में अदालत लगाकर मौके पर ही सुनवाई कर फैसला सुनाने का भी आदेश दिया है।