शराब बिक्री पर बढ़ावा देने का आरोप
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सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बीते 15 दिसंबर को आदेश दिया था कि 31 मार्च 2017 के बाद किसी भी हाईवे के 500 मीटर के अंदर तक शराब की दुकानें नहीं चलेंगी। सुप्रीम कोर्ट का आदेश अमल में आने पर जिले की 112 शराब की दुकानें प्रभावित होंगी।
जिले में देसी शराब की कुल 135 दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें से 60 दुकानें हाईवे के किनारे हैं। अंग्रेजी शराब की कुल 60 दुकानों में से 30 दुकानें हाईवे पर हैं। इसके अलावा बीयर की 48 दुकानों में 22 दुकानेें हाईवे पर चल रही हैं। जिले का एकमात्र मॉडल शॉप इलाहाबाद-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कूरेभार कस्बे में है। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग, टांडा-बांदा राष्टीय राजमार्ग और इलाहाबाद-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग जिले से गुजरता है।
इसके अलावा लखनऊ-बलिया राजमार्ग भी जिले से होकर जाता है। इन मार्गों के किनारे संचालित हो रही शराब की दुकानों के बंद हो जाने से आबकारी महकमे को 50 फीसदी राजस्व का घाटा उठाना पड़ेगा। जिले में साल भर के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अमल में आने पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।