गेहूं क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था से किसान परेशान
अमेठी। सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नियत तिथि पर तौल न होने से किसानों को भीषण गर्मी में तीन से चार दिनों तक क्रय केंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
सरकार की ओर से किसानों की सुविधा को देखते हुए ब्लॉकवार गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1860 रुपये है जिसमें 20 रुपए पल्लेदारी व छनाई भी शामिल है।
तहसील क्षेत्र में कुल नौ केंद्र खोले गए हैं जिनमें विपणन केंद्र अमेठी, विपणन केंद्र रामगंज, साधन सहकारी समिति राजापुर अमेरुआ, गोरखापुर, भीमी पश्चिम, खरगपुर, भादर, रामगंज और गैरिकपुर हैं।
अमेठी विपणन केंद्र पर अब तक 20 हजार क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 105 किसानों का 3946 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। अन्य केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष खरीद नहीं हो पा रही है।
ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को गेहूं तौल के लिए मिली तिथि पर तौल नहीं हो पा रही है। किसान निर्धारित तिथि पर जब गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचते हैं तो कई ट्रॉलियां पहले से कतार में लगी मिलती हैं।
इससे किसानों को तीन से चार दिन तक क्रय केंद्रों का चक्कर काटना पड़ता है। विपणन केंद्र की हालत यह है कि एक ओर गेहूं की तौल हो रही है, दूसरी तरफ राशन का उठान चल रहा है।
ऐसे में गेहूं खरीद पर असर पड़ रहा है। किसान प्रमोद मिश्र, बच्चा शुक्ल व सुनील पांडेय का कहना है कि क्रय केंद्रों पर तौल के लिए किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
विपणन केंद्र प्रभारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष 105 किसानों से चार हजार क्विंटल की गेहूं खरीद हो चुकी है। कहा कि चुनाव के चलते तीन दिन तौल और राशन की निकासी नहीं हो पाई थी। इसकी वजह से समस्या बढ़ गई है। कहा कि राशन का उठान भी चल रहा है और तौल भी कराई जा रही है।