अमेठी में भी लेखपालों का प्रदर्शन
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अमेठी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। तहसील परिसर में तहसील अध्यक्ष राम प्रताप सिंह, मंत्री आदर्श तिवारी की अगुवाई में संगठन के लोगों ने मंगलवार सुबह तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के लोगों ने मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी प्रियंका सिंह को सौंपा। मांग पत्र में लेखपाल पद की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, पद नाम राजस्व उपनिरीक्षक करने एवं प्रारंभिक वेतनमान बढ़ाए जाने, एसीपी विसंगति दूर करने, राजस्व निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती समाप्त करते हुए लेखपालों की पदोन्नति की ओर से राजस्व निरीक्षकों के सभी पदों को भरे जाने, लैपटॉप व स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर दयाशंकर शुक्ल, प्रवीण कुमार सिंह, जगदीश प्रसाद, राजमणि, सुशील कुमार ओझा, अंजनी कुमार सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
लेखपालों ने कलेक्ट्रेट मेें किया धरना-प्रदर्शन
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
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अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। योग्यता व पदनाम बढ़ाने सहित छह मांगों को लेकर संघर्षरत लेखपाल मंगलवार को सड़क पर उतर आए। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम दिया गया है।
राजस्व निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती समाप्त करने, जनपद स्थानांतरण नियमावली में संशोधन व पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करने सहित छह मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ मंगलवार को सड़क पर उतर आया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सभी तहसीलों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करने के बाद लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार मिश्र को सौंपा। इसमें एसीपी विसंगति दूर करने, लेखपालों को लैपटॉप व स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने, पुरानी पेंशन योजन बहाल कराने सहित सभी छह मांगें जल्द पूरी कराने की मांग की गई है। लेखपालों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्तूबर को एक दिवसीय धरना, 31 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन व सात नवंबर से वृहद आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ल, अवधेश शुक्ल, उग्रसेन सिंह, शिवशंकर सिंह, राकेश मिश्र, लक्ष्मी, कंचन, अमृतलाल सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।