‘शिक्षा के साथ नैतिकता भी सीखें छात्र’
क्रासर
राणा प्रताप पीजी कॉलेज में आयोजित हुई संगोष्ठी
फोटो संख्या-8
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। किसी भी शिक्षण संस्थान की उपलब्धि यह होती है कि वह शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ छात्र-छात्राओं में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का भी विकास करे। बेहतर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदान है। ये बातें राणा प्रताप पीजी कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहीं। गोष्ठी के बाद महाविद्यालय की पत्रिका ‘प्रताप प्रतिमा’ का विमोचन किया गया।
सोमवार को आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. एसबी सिंह ने कहा कि प्रत्येक सत्रारंभ के समय आयोजित होने वाली इस संगोष्ठी में बीते सत्र की उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी सत्र के कार्यों की रूपरेखा तय की जाती है। इस वर्ष महाविद्यालय ने यह लक्ष्य रखा है कि शिक्षा व्यवस्था को सूचना एवं प्रौद्योगिकी की आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। गोष्ठी को महाविद्यालय के प्रबंधक राम बहादुर सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नरायन सिंह, प्रबंध समिति सदस्य अब्दुल करीम, बजरंग बहादुर सिंह, अनिल कुमार शुक्ला, धनंजय प्रताप सिंह, सुरेंद्र नाथ सिंह, संतोष कुमार गुप्ता, चंद्रभूषण पांडेय ने भी संबोधित किया। गोष्ठी का संचालन अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. निशा सिंह ने किया।