स्कूल बस की चेकिंग करती एआरटीओ अलका शुक्ला। स्रोत-परिवहन विभाग
सुल्तानपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अमर उजाला के चलाए गए अभियान का असर दिखने लगा है। बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों पर शिकंजा कसते हुए सात वाहनों का चालान किया और कागजात अधूरे मिलने पर तीन वाहनों से 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। परिवहन विभाग ने डिजिटल निगरानी को तेज करते हुए 1423 में 1000 स्कूली वाहनों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड कर लिया है, जबकि 423 वाहन प्रक्रिया से बाहर हैं।
जिले के 3639 विद्यालयों का ऑनबोर्डिंग पहले ही पूरा हो चुका है। एक से 15 अप्रैल तक चले विशेष अभियान में विभाग ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को सख्त निर्देश दिए। बिना मानक पूरे किए किसी भी वाहन को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पीटीओ शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि डिजिटल ऑनबोर्डिंग के जरिये अब वाहनों की रियल टाइम निगरानी संभव होगी। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला बताया कि जिन स्कूलों के वाहन सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा जाएगा।
क्यों जरूरी है डिजिटल निगरानी
-वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग संभव
-ओवरलोडिंग और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई
-फिटनेस व कागजात की नियमित जांच
-बच्चों की सुरक्षा में बढ़ेगी पारदर्शिता
-अभिभावकों को मिलेगा भरोसेमंद परिवहन सिस्टम