बिरसिंहपुर स्थित 100 शय्या के अस्पताल के लेबर रूम व मैटरनिटी ओटी में लटका ताला।
जयसिंहपुर/ सेमरीबाजार (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के बिरसिंहपुर स्थित 100 शय्या के संयुक्त अस्पताल में मरीजों के लिए जरूरी एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीबीसी की जांच व प्रसव की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जरूरी जांचें निजी केंद्रों पर करानी पड़ती हैंं। महंगे इलाज का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं।
27 करोड़ रुपए की लागत से बिरसिंहपुर 100 शय्या संयुक्त अस्पताल का निर्माण कराकर शुरू किए करीब एक वर्ष का ही समय हुआ है। यहां अभी भी सुविधाओं व संसाधनों का घोर अभाव है। अस्पताल में न तो एक्स-रे मशीन है और न ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। अस्पताल की ओपीडी में रोज करीब 250 मरीज आते हैं। जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को मजबूरन बाहर जाकर जरूरी जांचें करवानी पड़ रही हैं। टाइफाइड और डेंगू की जांच के लिए अस्पताल में सीबीसी मशीन भी नहीं है। इसके लिए मरीजों को 300 से एक हजार रुपए तक उन्हें अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
धूल फांक रहे गर्भवती व नवजात के इलाज के उपकरण
गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल के लेबर रूम में रखे बेबी इन्क्यूबेटर, बेबी वाॅर्मर, फीटल हार्ट माॅनीटर, आईयू सीडी किट, डिलेवरी सेट, ऑक्सीजन कंसल्ट्रेटर समेत लाखों की कीमत के अन्य सभी उपकरण धूल फांक रहे हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते अस्पताल में अभी तक प्रसव सेवा शुरू नहीं हो सकी है। जबकि सारे उपकरण मौजूद हैं।
चिकित्सक के न होने से इलाज ठप
सीएमएस डॉ. राजकमल कमल चौरसिया ने बताया कि उच्चाधिकारियों को यथास्थिति के बारे में बताया गया है। महिला चिकित्सक के कार्यभार नहीं ग्रहण करने से प्रसव कराने की व्यवस्था ठप पड़ी है। तीन नर्स स्टाफ ट्रेनिंग में हैं। सीबीसी, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए मांग की गई है।