सुल्तानपुर। करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सोमवार को एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश जलाल मोहम्मद अकबर ने दोषी को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को मिलेगी।
धनपतगंज थाने के एक गांव की युवती के साथ चार सितंबर, 2021 को गांव के ही दयाराम ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने इशारे में घटना की जानकारी परिजनों को दी थी। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी दयाराम के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी दयाराम को ठहराते हुए हुए सजा सुनाई।
स्पेशल एजुकेटर के सहारे पीड़िता ने दी थी गवाही
दुष्कर्म पीड़िता ने कोर्ट में स्पेशल एजुकेटर सुभाष चंद्र यादव की मदद से गवाही दी थी। उनकी गवाही आरोपी को सजा दिलाने में कारगर साबित हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल बताते हैं कि दोषी दयाराम को कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई थी। उसके जेल में रहने के दौरान ही मामले की सुनवाई हुई और सोमवार को सजा सुनाई गई।