सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की स्पेशल कोर्ट की न्यायाधीश एकता वर्मा ने शनिवार को 10 वर्ष की कैद व 32 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की 75 फीसदी रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
कुड़वार थाने के एक गांव की किशोरी का 20 नवंबर 2014 को इसी थाने के माधौपुर आचार्य गांव निवासी विजय यादव उर्फ चंदुल ने अपहरण कर दुष्कर्म किया था। पुलिस ने किशोरी के भाई की तहरीर पर आरोपी विजय के खिलाफ केस दर्ज किया था।
शुक्रवार को कोर्ट ने विजय यादव को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था और सजा सुनाने के लिए 29 अप्रैल की तिथि नियत की थी। शनिवार को पुलिस ने उसको कोर्ट में पेश किया जहां सरकारी वकील राजेश कुमार द्विवेदी व बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त को 10 वर्ष की कैद व 32 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने जुर्माने की 75 फीसदी रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अपहरण व दुष्कर्म की पीड़िता कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाही देने से मुकर गई थी। सरकारी वकील राजेश कुमार द्विवेदी बताते हैं कि पीड़िता ने आरोपी को क्लीनचिट देते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ जालंधर गई थी और पांच माह साथ रहने के बाद शादी कर ली थी।
उसका न तो अपहरण हुआ था और न ही उसके साथ दुष्कर्म ही हुआ था। उसके दो बच्चे हैं और वह आरोपी के साथ पत्नी के रूप में रह रही है। उसने कोर्ट से आरोपी को सजा न देने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने उसकी मांग को खारिज करते हुए आरोपी को सजा सुना दी।