आईएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के मामले में सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दुर्गा के निलंबन पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है।
पत्र में उन्होंने यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के साथ अन्याय न हो।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, गांधी ने प्रधानमंत्री को दुर्गा शक्ति के संदर्भ में पत्र लिखकर कहा है कि मामला भले ही उत्तर प्रदेश सरकार और एक आईएएस अधिकारी के बीच का है लेकिन उन्हें यह देखना चाहिए कि क्या वे इसमें कुछ कर सकते हैं। उसकी मदद कैसे की जा सकती है।
गांधी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसके साथ कुछ भी गलत न हो।
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता नरेश्ा अग्रवाल ने सोनिया के पत्र पर सख्त एतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि सोनिया को दो पत्र और लिखने चाहिए। पहले पत्र में उन्हें हरियाणा के अधिकारी अशोक खेमका के बारे में पूछना चाहिए और दूसरे पत्र में राजस्थान सरकार द्वारा दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
दुर्गाशक्ति मामला: भाटी का 'डंडा' बना 'आप' का हथियार
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतमबुद्धनगर में एसडीएम के पद पर कार्यरत दुर्गा शक्ति को एक मस्जिद की दीवार गिरवाने के आरोप में निलंबित किया है।
हालांकि विपक्षी दलों तथा कई अन्य संगठनों का कहना है कि उनहें रेत माफिया के खिलाफ कडी कार्रवाई करने के कारण उसके दबाव में हटाया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने कल कहा था कि दुर्गा शक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना निलंबित कर दिया गया।