कुछ लोगों ने शादी का झांसा देकर युवक को एटा से सोनभद्र बुलाया। इसके बाद उससे नए कपड़े खरीदवाए और नकद रुपये भी लिए। इसके बाद चकमा देकर लड़की व उसके कथित घरवाले फरार हो गए। घंटों बाद भी जब उनका कहीं पता नहीं चला तो दूल्हे व उसके परिजनों को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से गुहार लगाई है।
एटा जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति के 22 वर्षीय बेटे की शादी जमीन कम होने के कारण नहीं हो पा रही थी। उसी क्षेत्र के रहने वाले एक युवक (जिसकी शादी सोनभद्र में ही हुई है) ने राबर्ट्सगंज निवासी एक व्यक्ति का नंबर दिया। उसके बाद फोन पर ही शादी की बातें तय हुईं।
तय समय के अनुसार व्यक्ति अपने पुत्र और परिवार के सात सदस्यों के साथ मंगलवार को सोनभद्र पहुंचा। यहां ठग ने उससे संपर्क किया और घर में जगह न होने की बात कही। किसी तरह स्टेशन पर ही परिवार ने रात गुजारी। बुधवार को ठग पीड़ितों को लेकर राबर्टसगंज स्थित एक कपड़े की दुकान पर पहुंचा।
वहां लड़की के लिए करीब दस हजार रुपये के कपड़े खरीदवाए। इसके बाद कहा कि बृहस्पतिवार को बेटी को विदा करेंगे, एटा ले जाकर ही शादी कर लेना। बृहस्पतिवार को ठगों के गिरोह के अलग-अलग सदस्य मां, बाप, बेटी, भाई और चाचा बनकर उनसे मिलने पहुंचे। सभी पीड़ितों को रेलवे पटरी के किनारे लगे यूकेलिप्टस के बगीचे में ले गए।
वहां लड़की की विदाई का हवाला देते हुए उनसे 25 हजार रुपये लिए। बारी-बारी छह सदस्यों को रोडवेज बस स्टैंड छोड़ने के लिए बाइक पर बिठा कर ले गए। अंतिम में दूल्हा बनने वाले युवक और दुल्हन बनने वाली युवती को बाइक पर बिठाकर बस स्टैंड के लिए निकले।
रास्ते में पेट्रोल भराने की बात कह युवक को उतार दिया और फिर फरार हो गए। काफी देर बाद भी जब वे लड़की को लेकर स्टैंड पर नहीं पहुंचे तो ठगी का एहसास हुआ। थक हारकर पीड़ितों ने पुलिस से गुहार लगाई। तहरीर के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।