गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले बुधवार को आदिवासियों और वनवासियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम से वनाधिकार कानून के तहत वनभूमि पर वर्षों से गुजर-बसर कर रहे आदिवासियों और वनवासियों को बेदखल न करने की मांग की। कहा कि घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा समेत अन्य गांवों के लोगों के लोगों को वन भूमि से बेदखल करने की साजिश की जा रही है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।
दोपहर करीब 12 बजे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रमाशंकर पोयाम के नेतृत्व में आदिवासी, वनवासी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि घोरावल तहसील के उभ्भा, मसी, बभनी, सेमरा, परसौना, कर्री, पेढ़, नौगढ़वा, बसुंधरी में वर्षों से वन भूमि पर मकान बना कर रह रहे लोगों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है। जबकि वनाधिकार कानून के तहत लोगों ने दावा किया है। लेकिन प्रशासन आवेदकों के दावा को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कहा कि घोरावल तहसील के अधिकारी पात्र व्यक्तियों को वनाधिकार कानून का लाभ नहीं दे रहे हैं।
आदिवासियों और वनवासियों का उत्पीड़न किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। शांती देवी, राम सिंह, राजकुमार सिंह, हीरालाल, अखिलेश चेरो, हरिकिशुन आदि मौजूद रहे। संचालन रामनरेश पोया ने किया।