सोनभद्र/दुद्धी। रजिया पनिका और नन्हकी के जरिये जनजाति समाज की जमीन खरीदकर मुस्लिमों को बसाए जाने के मामले में 19 बैनामों के निरस्तीकरण के बाद, बघाड़ू का एक और मामला सामने आया है। गांव के बघाड़ू के बीडीसी सदस्य ने भाजपा जिलाध्यक्ष के जरिये प्रभारी मंत्री और डीएम को पत्र उपलब्ध कराकर जांच की मांग की थी। जांच में शिकायत की पुष्टि के बाद इस बैनामे के भी निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद इसको लेकर एसडीएम कोर्ट में एक अप्रैल को वाद दायर किया गया है। एसडीएम दुद्धी निखिल यादव ने शनिवार को कुंती जगते को नोटिस जारी कर जहां पक्ष रखने के लिए कहा गया है। वहीं मामले में सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तिथि नियत की गई है।
बताते चलें कि बघाड़ू में जनजाति समाज की महिलाओं से शादी रचाने और उनकी जनजातीय पहचान का लाभ लेकर जनजाति समाज की जमीन खरीदने और उन पर मुस्लिम समाज के लोगों को बसाने का मामला सामने आया था। तात्कालिक जांच में रजिया पनिका के नाम 12 और नन्हकी के नाम सात बैनामे मिले थे। सभी 19 बैनामे निरस्त करते हुए संबंधित भूभाग को ग्राम समाज के नाम दर्ज करने का आदेश पारित किया गया था। इसी दौरान बीडीसी सदस्य लोकनाथ की तरफ से शिकायत दी गई थी कि बघाड़ू के ही मुस्लिम समाज के एक व्यक्ति ने पहली पत्नी रहते हुए छत्तीसगढ़ की वाड्रफनगर (वीरेंद्र नगर) निवासी कुंती जगते से शादी की।
पारिवारिक स्तर पर उसका मतांतरण करा लिया, लेकिन जमीन खरीदने के लिए उसकी जनजाति पहचान बनाए रखी। शिकायत में दावा किया गया था कि धर्म परिवर्तन के बाद भी उसके नाम से 0.630 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई और उस जमीन को सुंदरी से विस्थापित होकर बघाड़ू आए मुस्लिम परिवार के चार व्यक्तियों को घर बनाने के लिए दे दिया गया। जमीन खरीदने के लिए विस्थापन पैकेज में मिली धनराशि का इस्तेमाल किया गया। उपजिलाधिकारी दुद्धी निखिल यादव के मुताबिक संबंधित बैनामे के निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिन जमीनों का बैनामा हुआ निरस्त, उस पर से हटाए जाएं कब्जे
22 मार्च को भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर बघाड़ू में जिन जमीनों के बैनामे निरस्त किए गए। उन पर से कब्जे हटाए जाने का अनुरोध किया। पत्र में कहा है कि 19 बैनामे निरस्त करते हुए 48 बीघे जमीन ग्राम समाज में निहित कर दी गई है। बावजूद अब तक उस पर से अतिक्रमण हटाए जाने की कोई प्रक्रिया अभी नहीं की गई है। अनुरोध किया गया है कि कब्जे हटाते हुए इसके लिए जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।