भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा कि नोएडा के चीफ इंजीनियर यादव सिंह और उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव के हटने के बाद अब सूबे के खनन मंत्री गायत्री प्रजापति की बारी है।
वे रासपहरी हादसे में आठ श्रमिकों की मौत के कारणों का जायजा लेने बाद राबर्ट्सगंज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
इसकी आमदनी का बड़ा हिस्सा अधिकारियों और नेताओं की जेब में जाता है। सारा काम नियमों को ताख पर रख कर कराया जा रहा है। क्रशर प्लांट के धूल से लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
भारत सरकार की रोक के बाद भी पूर्व जिलाधिकारी और खान अधिकारी ने सुरक्षित वन क्षेत्र में कई खनन पट्टे कर दिए। खनन क्षेत्र में अप्रशिक्षित लोगों से ब्लास्टिंग कराई जा रही है, जिससे हादसे हो रहे हैं।
कुछ वर्ष पूर्व में जिले में दौरे पर आए भारत सरकार के मुख्य वन संरक्षक ने खदानों की हालत देख प्रदेश सरकार को अवैध खनन बंद कराने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद भी अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि डीएम व खनन अधिकारी बताएं कि 27 फरवरी, 2012 में बिल्ली-मारकुंडी खदान धसकने से 12 श्रमिकों की मौत के मामले में क्या कार्रवाई की गई। बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में कई वर्षों से एक ही लेखपाल क्यों तैनात है?
खनिज विभाग के सर्वेक्षक रामनाथ यादव की तैनाती सोनभद्र में ही बार-बार क्यों होती है। कहा कि पूर्व के डीएम डीके सिंह और संजय कुमार ने इस सर्वेक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए खनन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक पत्र लिखा था, इसके बाद भी उसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
2003 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग को एनओसी देने पर रोक लगा दी थी, फि र भी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने कई एनओसी जारी की।